
गौसेवा, जीवदया और आध्यात्मिक प्रेरणा का विकसित होगा नया केंद्र
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। पूज्य कामधेनु माता ‘सौम्या’ की समाधि स्थल को अब ‘कामधेनु मंदिर धाम’ के रूप में विकसित किया जाएगा। मनोहर गौशाला के संस्थापक एवं मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. अखिल जैन (पदम डाकलिया) ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि यह परिसर केवल धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि गौसेवा जीवदया और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार का प्रमुख केंद्र बनेगा। डॉ. अखिल जैन ने कहा कि सौम्या कामधेनु माता के देवलोक गमन के बाद देशभर से संत-महात्माओं साधु-साध्वियों गौभक्तों और जीवदया से जुड़े लोगों ने जो श्रद्धांजलि और संवेदनाएं व्यक्त कीं उससे यह स्पष्ट हुआ कि सौम्या माता लाखों लोगों की आस्था और श्रद्धा का प्रतीक थीं। इसी भावना को सम्मान देते हुए उनकी समाधि को एक प्रेरणादायी धाम का स्वरूप देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कामधेनु मंदिर धाम में श्रद्धालु सौम्या माता को श्रद्धासुमन अर्पित कर सकेंगे तथा गौसंरक्षण जीवदया और सेवा कार्यों के प्रति प्रेरित होंगे। परिसर को इस प्रकार विकसित किया जाएगा कि यहां आने वाले लोगों को आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ सेवा का संदेश भी प्राप्त हो। डॉ. अखिल जैन ने कहा कि श्रद्धालुओं से लगातार मिल रहे स्नेह विश्वास और सहयोग ने मनोहर गौशाला परिवार को गौसेवा के कार्यों को और अधिक समर्पण और विस्तार के साथ आगे बढ़ाने का उत्साह दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि कामधेनु मंदिर धाम भविष्य में गौभक्तों और सेवा भाव रखने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण आस्था केंद्र के रूप में स्थापित होगा।