KCG

मूसलाधार बारिश से आमनेर पुल की सेंट्रिंग बही, खैरागढ़ बाईपास परियोजना को फिर लगा झटका

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिले में शनिवार रात से जारी मूसलाधार बारिश ने जहां आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है वहीं वर्षों से अधूरी पड़ी खैरागढ़ बाईपास परियोजना को भी बड़ा झटका लगा है। आमनेर नदी पर निर्माणाधीन पुल की सेंट्रिंग (शटरिंग) तेज जलप्रवाह में बह गई, जिससे निर्माण कार्य एक बार फिर प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय पुल पर कोई मजदूर कार्यरत नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। लगातार बारिश के कारण जिले की अधिकांश नदी-नाले उफान पर हैं और कई स्थानों पर जलस्तर तेजी से बढ़ा है। मौसम विभाग ने भी अगले 48 घंटे के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश की संभावना जताई है। इसी बीच आमनेर नदी में बढ़े जलप्रवाह का सीधा असर निर्माणाधीन पुल पर देखने को मिला। जानकारी के अनुसार पुल पर आगामी एक-दो दिनों में कंक्रीट ढलाई का कार्य प्रस्तावित था। इसके लिए मजदूरों द्वारा सेंट्रिंग का कार्य पूरा कर लिया गया था, लेकिन लगातार बारिश और नदी के तेज बहाव के कारण पूरी सेंट्रिंग ढहकर बह गई। संयोग से रविवार होने और खराब मौसम के कारण निर्माण कार्य बंद था। यदि उस समय मजदूर पुल पर कार्य कर रहे होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।

खैरागढ़ बाईपास परियोजना को वर्ष 2008 में स्वीकृति मिली थी। राईसमिल से सोनेसरार तक लगभग छह किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण वर्षों पहले पूरा हो चुका है, लेकिन मार्ग में पड़ने वाली तीन नदियों—मोतीनाला, मुस्का और आमनेर—पर पुल निर्माण में लगातार हो रही देरी के कारण यह परियोजना आज तक पूरी नहीं हो सकी।मोतीनाला और मुस्का नदी पर पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि आमनेर नदी पर बनने वाला पुल अब भी अधूरा है। यही कारण है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बाईपास का लाभ शहरवासियों को अब तक नहीं मिल पाया है।

आमनेर पुल निर्माण पहले ही वर्षों की देरी का सामना कर रहा है। अब सेंट्रिंग बह जाने की घटना से निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने में अतिरिक्त समय लगने की संभावना है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो परियोजना के और अधिक विलंबित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। लगभग 18 वर्षों से बाईपास की प्रतीक्षा कर रहे शहरवासियों की चिंता इस घटना के बाद और बढ़ गई है। लोगों का मानना है कि यदि आमनेर नदी का पुल समय पर बन गया होता, तो खैरागढ़ को वर्षों पहले ही बाईपास की सुविधा मिल जाती। अब एक बार फिर प्राकृतिक बाधा के चलते परियोजना की रफ्तार धीमी पड़ती नजर आ रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page