
नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, पेंशन और ग्रेच्युटी सहित पांच प्रमुख मांगों को लेकर सौंपेंगी ज्ञापन

खैरागढ़। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की लंबित मांगों को लेकर संयुक्त मंच के प्रांतीय आह्वान पर 27 अक्टूबर 2026 को खैरागढ़ जिला एवं ब्लॉक स्तर पर एक दिवसीय धरना, सभा, रैली और ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रदर्शन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होगा। इसके तहत रावण भाठा धरना स्थल से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली जाएगी। कार्यक्रम के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्र का भी उपयोग किया जाएगा। आयोजन की सूचना संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को देते हुए आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।
पांच प्रमुख मांगों को लेकर होगा प्रदर्शन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को पूरा करने की मांग उठाई है। इन मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियमित किया जाए। नियमितीकरण होने तक श्रम कानूनों के अनुरूप कार्यकर्ताओं को 30 हजार रुपये तथा सहायिकाओं को 25,500 रुपये मासिक मानदेय दिया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद पर तथा सहायिकाओं को कार्यकर्ता पद पर सीधे पदोन्नति दी जाए, इसके लिए आयु सीमा का बंधन समाप्त किया जाए। कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को समूह बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी और भविष्य निधि (पीएफ) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सेवा के दौरान आकस्मिक मृत्यु होने पर आश्रित परिवार के सदस्य को तत्काल अनुकंपा नियुक्ति दी जाए वहीं सेवानिवृत्ति पर कार्यकर्ताओं को पांच लाख रुपये और सहायिकाओं को तीन लाख रुपये की राशि प्रदान की जाए। मध्यप्रदेश की तर्ज पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के मानदेय में प्रतिवर्ष एक हजार रुपये की वृद्धि की जाए।
महंगाई और अतिरिक्त कार्यों से आर्थिक दबाव
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का कहना है कि वर्तमान महंगाई के दौर में सीमित मानदेय के कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन के साथ विभागीय कार्यों के अतिरिक्त अन्य जिम्मेदारियां भी सौंपी जाती हैं जिससे मूल विभागीय कार्य प्रभावित होते हैं। इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने शासन-प्रशासन से उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने और लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण करने की अपील की है। 27 अक्टूबर को आयोजित धरना, सभा और रैली के माध्यम से वे अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाते हुए संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगी।
