
सीएम पोर्टल की शिकायत के बाद खुला मामला
जांच में मिलीं गंभीर अनियमितताएं
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का इलाज किए जाने की शिकायत पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम डोकराभाठा में करुण वर्मा द्वारा संचालित कथित क्लीनिक को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को सील कर दिया। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में मिली शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। प्रशासन ने मामले में आगे वैधानिक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

ब्लड शुगर के मरीज को बिना जांच लगाया इंजेक्शन
मामला ग्राम एटीकसा निवासी प्रेमलाल वर्मा की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार उनके 52 वर्षीय परिजन ललित वर्मा मधुमेह (ब्लड शुगर) से पीड़ित हैं। उनका उपचार डोकराभाठा स्थित उक्त क्लीनिक में कराया गया था। आरोप है कि मरीज की आवश्यक जांच, यहां तक कि शुगर की जांच किए बिना ही उसे इंजेक्शन लगा दिया गया। इसके बाद मरीज के दाहिने पैर में संक्रमण होने की शिकायत सामने आई।
जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर खंगाली पूरी जानकारी
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर सह पर्यवेक्षी प्राधिकारी (नर्सिंग होम एक्ट) के निर्देश पर विकासखंड स्तरीय जांच दल गठित किया गया। सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बाद टीम ने क्लीनिक पहुंचकर जांच की। जांच रिपोर्ट में प्रथमदृष्टया बिना शुगर जांच के उपचार किए जाने तथा उपचार करने वाले व्यक्ति की निर्धारित चिकित्सकीय योग्यता को लेकर गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया। जांच दल ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की। रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन ने बिना देरी किए क्लीनिक को सील करने की कार्रवाई की।
जिले में कई अवैध झोलाछाप और अवैध क्लिनिक, अब दूसरे गांवों में भी जांच की जरूरत
डोकराभाठा की कार्रवाई के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के संचालित होने वाले क्लीनिकों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। गांवों में ऐसे झोलाछाप लोगों द्वारा उपचार किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने अब जिले के अन्य ग्रामीण इलाकों में भी संचालित क्लीनिकों की जांच और वहां उपचार करने वालों की योग्यता व पंजीयन की पड़ताल बड़ी चुनौती है। ऐसे मामलों को लेकर प्रशासन ने अपील की है कि योग्य डॉक्टर से ही इलाज कराया जाना ठीक होता है। उपचार के लिए केवल मान्यता प्राप्त एवं वैध चिकित्सकीय योग्यता रखने वाले चिकित्सकों और पंजीकृत स्वास्थ्य संस्थानों की सेवाएं ही जीवन और स्वास्थ्य के लिये बेहतर होता है। बिना योग्यता इलाज करने वाले व्यक्ति अथवा संदिग्ध क्लीनिक की जानकारी तत्काल स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन को देने की अपील की गई है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से एक ओर जहाँ झोलाछाप कथित चिकित्सकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है वहीं साफ है कि बिना वैध योग्यता चिकित्सा कार्य करने वालों पर अब कार्रवाई का शिकंजा और कसा जाना चाहिये।
