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साल्हेवारा की बंजारी घाटी में सड़क किनारे दिखा तेंदुआ, दहशत के बीच यात्रियों ने बनाया वीडियो

खैरागढ़। जिले के वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा की बंजारी घाटी में सड़क किनारे तेंदुआ दिखाई देने से इलाके में वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ज्ञात हो कि रविवार की रात खैरागढ़ से साल्हेवारा होते हुए बकरकट्टा की ओर जा रही एक यात्री बस के यात्रियों को सड़क किनारे तेंदुआ बैठा नजर आया। यात्रियों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो सामने आने के बाद घाटी मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों में सतर्कता को लेकर चिंता बढ़ गई है।

जानकारी अनुसार साल्हेवारा पहुंचने से पहले स्थित मां बंजारी मंदिर के आसपास से लेकर आगे तक घना जंगल और घाटी का क्षेत्र फैला हुआ है। रात करीब 8:20 बजे एक यात्री बस बंजारी घाटी से गुजर रही थी। इसी दौरान यात्रियों की नजर सड़क किनारे डिवाइडर के पास बैठे एक वन्यजीव पर पड़ी। नजदीक से देखने पर वह तेंदुआ दिखाई दिया। अचानक तेंदुए को देखकर बस में सवार यात्रियों के बीच हलचल मच गई। इस दौरान कुछ यात्रियों ने मोबाइल से उसका वीडियो बना लिया जो अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।बस परिचालक के मुताबिक बस नर्मदा और मोहगांव की ओर से होते हुए घाटी मार्ग से आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान सड़क किनारे तेंदुआ दिखाई दिया। हालांकि घटना के संबंध में वन विभाग की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आयी है।

बंजारी घाटी का अधिकांश हिस्सा घने जंगलों से घिरा हुआ है। वनांचल क्षेत्र होने के कारण यहां वन्यजीवों की आवाजाही की संभावना बनी रहती है। ऐसे में सड़क किनारे तेंदुआ दिखाई देने की घटना ने रात के समय इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों और देर रात यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

घटना के बाद बंजारी घाटी और आसपास के वन क्षेत्र में वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही लोगों को सतर्क करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे है ताकि मानव और वन्यजीवों के बीच किसी तरह के टकराव की आशंका को कम किया जा सके। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार जंगल के आसपास तेंदुआ दिखाई देने पर लोगों को उससे दूरी बनाए रखनी चाहिए। तेंदुए के नजदीक जाने, उसे घेरने, शोर मचाकर उकसाने या उसका पीछा करने से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में वन विभाग को सूचना देना ही सुरक्षित कदम है।

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