
27 दीपों से जगमगाई छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर, वक्ताओं ने साझा किए राज्य गठन के संघर्ष और विकास के अनुभव
छुईखदान। नगर की सामाजिक संस्था प्रेरणा के तत्वावधान में 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की 27वीं वर्षगांठ हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष 27 दीप प्रज्ज्वलित कर राज्य स्थापना दिवस मनाया गया। दीपों से सजी छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम में संस्था के सदस्यों एवं वक्ताओं ने राज्य गठन के संघर्ष, उसके उद्देश्यों और स्थापना के बाद प्रदेश में आए बदलावों पर अपने विचार साझा किए। जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष सज्जाक खान ने पूर्व सांसद स्वर्गीय विद्याचरण शुक्ल के नेतृत्व में दिल्ली में हुए राज्य निर्माण आंदोलन को याद करते हुए छुईखदान के लोगों की भागीदारी और आंदोलन से जुड़े अनुभव साझा किए।नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विनय रामटेके ने कहा कि राज्य गठन के बाद प्रदेश के संसाधनों का उपयोग विकास कार्यों में होने लगा तथा रोजगार, उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसरों का विस्तार हुआ वहीं लाल जेके दास ने कहा कि पहले छोटे-छोटे शासकीय कार्यों के लिए भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जाना पड़ता था लेकिन राज्य गठन के बाद सुविधाएं नजदीक उपलब्ध होने लगी हैं। कार्यक्रम में स्थानीय कवि सतीश महोबिया एवं साथी यादव ने अपनी कविताओं और रचनाओं से समां बांधा। अंत में संस्था अध्यक्ष अशोक चंद्राकर ने सभी को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर शांतिलाल सांखला, सज्जाक खान, शरद श्रीवास्तव, इजराइल सोलंकी, जितेंद्र किशोर दास, सुमेरकरण जैन, पवन चंद्राकर, मोहन जंघेल, अमर सिंह ठाकुर, शांतिलाल पारख, आलोक यादव, राजकुमार वैष्णव, प्रकाश बाघमार, यशवंत बाघमार सहित नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।