

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। भगवान बलदेव जी मंदिर परिसर पांडादाह में आयोजित श्रीराम कथा समागम का शुभारंभ भक्तिमय वातावरण में हुआ। कथा के प्रथम दिवस बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे और पूरे परिसर में आध्यात्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। कथा व्यास आचार्य प्रवर नारायण महाराज जाजगीरी ने भगवान शिव और भगवान श्रीराम की दिव्य लीलाओं का संगीतमय वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को रामकथा का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि रामायण के मूल रचयिता भगवान शिव हैं। तथा गोस्वामी तुलसीदास ने इस दिव्य कथा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। प्रवचन के दौरान आचार्य नारायण महाराज ने शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का उल्लेख करते हुए भगवान शिव की अलौकिक जीवन शैली पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चारों वेदों के विद्वानों द्वारा किए गए वर्णन में भगवान शिव को अवतारी बताया गया है इसलिए उनके पिता के नाम का उल्लेख कहीं नहीं मिलता। कथा के प्रथम एवं द्वितीय दिवस में भगवान शिव की महिमा और भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन पर विशेष चर्चा की गई। आचार्य ने कहा कि श्रीराम द्वारा स्थापित आदर्श आज भी मानव जीवन के लिए प्रेरणास्रोत हैं और रामायण की शिक्षाएं हर युग में मनुष्य को सही मार्ग दिखाने का कार्य करती हैं। कार्यक्रम के दौरान संत समाज के हमारे पुरोधा रहीम, कबीर और तुलसी के दोहों एवं रचनाओं का सस्वर पाठ भी किया गया। आचार्य की मधुर वाणी और भावपूर्ण प्रस्तुति से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। आयोजन में विशेष तौर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, समाजसेवी घम्मन साहू, वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक झा, टी.के. चंदेल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।