
चौक में बच्चों के साथ बस का इंतजार कर रही थीं शिक्षिका
सड़क किनारे फल दुकान के पास खड़ी थीं छात्राओं के साथ
हादसे के बाद एंबुलेंस सुविधा में देरी के लग रहे आरोप
खैरागढ़। ग्राम ठेलकाडीह में सोमवार शाम तेज रफ्तार इको वाहन की चपेट में आने से शासकीय प्राथमिक शाला की शिक्षिका की मौत हो गई जबकि दो स्कूली छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसा शाम करीब 4.15 बजे नया बस स्टैंड स्थित मिनीमाता चौक के पास हुआ। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरकामटोला ले जाया गया जहां से उन्हें राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। जानकारी अनुसार ठेलकाडीह के शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षिका किरण तिवारी (42) पति मनीष तिवारी निवासी दीनदयाल नगर राजनांदगांव, स्कूल की छुट्टी के बाद बस का इंतजार कर रही थीं। इस दौरान वह दो छात्राओं के साथ मिनीमाता चौक के पास फल दुकान के समीप खड़ी थीं। इसी दौरान सुकुलदैहान की ओर से आ रही इको कार क्रमांक सीजी 07 सीजे 3862 के चालक दादु यादव उम्र 30 वर्ष निवासी दुर्ग ने तेज गति और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए शिक्षिका व दोनों छात्राओं को टक्कर मार दी। हादसे में शिक्षिका किरण तिवारी तथा कक्षा पांचवीं की छात्रा दुर्गेश्वरी (9) और कक्षा पहली की छात्रा देविका (5) घायल हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शिक्षिका और दुर्गेश्वरी को गंभीर चोटें आई थीं।
स्कूल स्टाफ व ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल
दुर्घटना के बाद स्कूल स्टाफ के शशांक साहू, श्री लारिया, स्वाति धनकर और आशा धृतलहरे सहित भाजपा मंडल अध्यक्ष भोज बंजारे एवं अन्य लोगों ने घायलों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरकामटोला पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए घायलों को राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
इलाज के दौरान शिक्षिका ने दम तोड़ा
बताया गया कि राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने शिक्षिका को बचाने के लिए उपचार का प्रयास किया लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। छात्रा दुर्गेश्वरी की हालत गंभीर बताई जा रही है जबकि उपचार के बाद छोटी छात्रा देविका की स्थिति सामान्य बताई गई है। शिक्षिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए बसंतपुर स्थित जिला चिकित्सालय के शवगृह में रखा गया है। पोस्टमार्टम मंगलवार (कल) किया जायेगा।
एंबुलेंस सुविधा में देरी पर उठे सवाल
हादसे के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरकामटोला की एंबुलेंस सुविधा को लेकर भी सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद घायलों को समय पर राजनांदगांव नहीं पहुंचाया जा सका। आरोप है कि एंबुलेंस चालक समय पर उपलब्ध नहीं हो पाया और वाहन की स्थिति भी ठीक नहीं थी। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद एंबुलेंस व्यवस्था की कार्यप्रणाली की जांच की मांग भी उठ रही है।*
अतिक्रमण और बेतरतीब यातायात से बढ़ रहा हादसे का खतरा
ठेलकाडीह बस स्टैंड और आसपास स्टेट हाईवे के किनारे किए गए अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की बात सामने आती रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे दुकानों और अन्य गतिविधियों के चलते आवागमन के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती वहीं मिनीमाता चौक क्षेत्र में वाहनों की तेज रफ्तार भी दुर्घटना का कारण बन रही है। लोगों ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने, यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने तथा चौराहे पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।


