

सतत निगरानी और विभागीय समन्वय से मिली सफलता
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। खरीफ सीजन 2026 में किसानों को समय पर रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने की दिशा में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिला प्रशासन की सतत निगरानी और विभागीय समन्वय के चलते जिले में अब तक 83.82 प्रतिशत उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 9 जुलाई 2026 तक जिले में 21,452 टन रासायनिक उर्वरकों का भंडारण किया गया था। इनमें से 17,980 टन खाद किसानों को वितरित की जा चुकी है। इस उपलब्धि के साथ उर्वरक वितरण के मामले में केसीजी जिला पूरे प्रदेश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन में कृषि विभाग सहकारिता विभाग जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरकों के भंडारण परिवहन और वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसी का परिणाम है कि जिले के अधिकांश क्षेत्रों में किसानों को आवश्यकतानुसार डीएपी यूरिया और अन्य उर्वरक समय पर उपलब्ध हो रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिले की सभी सेवा सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और अब तक किसी भी क्षेत्र से उर्वरक की कमी की शिकायत सामने नहीं आई है। जरूरत के अनुसार समितियों को अतिरिक्त खाद भी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि वितरण व्यवस्था प्रभावित न हो। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सेवा सहकारी समितियों और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें। यदि कहीं किसी प्रकार की समस्या आती है तो उसकी जानकारी तत्काल कृषि विभाग या संबंधित समिति को दें ताकि समय पर समाधान किया जा सके। किसानों ने व्यवस्था को बताया बेहतर विकासखंड खैरागढ़ की सेवा सहकारी समिति मदुराकोही के किसान कोमल राम ने बताया कि इस वर्ष समिति में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है जिससे बिना किसी परेशानी के आवश्यक उर्वरक मिल गया है।समय पर खाद मिलने से बुआई और फसल प्रबंधन के कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं। इसी तरह विकासखंड छुईखदान के किसान शिवकुमार ने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार व्यवस्था अधिक व्यवस्थित रही। उन्हें खाद के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ा और आवश्यकता के अनुसार उर्वरक आसानी से मिल गया जिससे खेती के कार्य समय पर पूरे हो सके।

