शिक्षकों के सम्मान से खिलवाड़, जिला शिक्षा अधिकारी की कार्यशैली के खिलाफ कर्मचारी फेडरेशन हुआ लामबंद

कलेक्टर सहित शिक्षा मंत्री, सांसद, शिक्षा सचिव आदि को सौंपा ज्ञापन
डीईओ पर सार्वजनिक बैठकों में फटकार, विवादित एक्शन प्लान थोपने और प्राचार्यों से दबावपूर्वक वचन पत्र भरवाने का आरोप
कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग, सुधार नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
खैरागढ़। जिले में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक नया विवाद गहराने लगा है। जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र देवांगन की कार्यशैली और व्यवहार पर सवाल उठाते हुए छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फेडरेशन ने शिक्षकों, प्राचार्यों और व्याख्याताओं के साथ कथित अपमानजनक व्यवहार, कार्यालयीन समय के बाद बैठकें आयोजित करने, विवादित एक्शन प्लान लागू करने के लिए दबाव बनाने तथा प्राचार्यों से वचन पत्र भरवाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन ने गुरुवार 15 अक्टूबर की शाम कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर मामले में हस्तक्षेप और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। इस शिकायत के बाद अब शिक्षा विभाग की कार्यशैली और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। फेडरेशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शिकायत में उठाए गए मुद्दों पर सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को जिला स्तर से आगे प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।
बैठकों में सार्वजनिक रूप से शिक्षकों को फटकारने का आरोप
फेडरेशन का आरोप है कि वरिष्ठ शिक्षकों, प्राचार्यों और व्याख्याताओं के साथ विभागीय बैठकों में सार्वजनिक रूप से डीईओ द्वारा ऐसा व्यवहार किया जाता है जिससे उनकी गरिमा प्रभावित होती है। संगठन के मुताबिक शिक्षकों को खड़े होकर सवालों का जवाब देने और कथित तौर पर फटकार सहने जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। फेडरेशन ने इसे शिक्षक समुदाय के सम्मान से जुड़ा विषय बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई है।
कार्यालयीन समय के बाद भी बैठकें ले रहे डीईओ और कर्मचारियों पर बना रहे दबाव
शिकायत में निर्धारित कार्यालयीन एवं विद्यालयीन समय के बाद भी बैठकें आयोजित किए जाने का मुद्दा उठाया गया है। फेडरेशन का कहना है कि विभागीय कार्यों के नाम पर कर्मचारियों को देर तक बैठकों में शामिल होना पड़ता है और इस दौरान कथित तौर पर डांट-फटकार का सामना भी करना पड़ता है। संगठन ने मांग की है कि विभागीय अनुशासन के साथ कर्मचारियों के सम्मान और निर्धारित समय-सीमा का भी ध्यान रखा जाए।
डीईओ के कथित एक्शन प्लान को लेकर भी टकराव, प्राचार्य वचन पत्र भी हुआ वायरल
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा तैयार किए गए एक्शन प्लान पर भी फेडरेशन ने सवाल उठाए हैं वहीं जिला शिक्षा अधिकारी श्री देवांगन द्वारा तैयार किया गया प्राचार्य वचन पत्र भी शिकायत के बाद वायरल हो रहा है जिसे नियमों के विपरीत बताया जा रहा है। इस बीच संगठन को योजना के कुछ बिंदुओं पर आपत्ति है और आरोप है कि असहमति के बावजूद इसे लागू करने के लिए डीईओ द्वारा बेजा दबाव बनाया जा रहा है। फेडरेशन ने मांग की है कि यदि योजना जरूरी और उपयुक्त है तो इसे राज्य शासन के स्तर पर स्वीकृति लेकर लागू किया जाए अथवा पूरे प्रदेश में समान रूप से प्रभावी बनाया जाए। संगठन ने मौजूदा व्यवस्था पर पुनर्विचार करते हुए योजना वापस लेने की मांग भी की है।
प्राचार्यों से वचन पत्र भरवाने पर की गई है आपत्ति
फेडरेशन ने प्राचार्यों से कथित तौर पर दबावपूर्वक वचन पत्र भरवाए जाने को भी शिकायत का प्रमुख मुद्दा बनाया है। संगठन का दावा है कि इस संबंध में आवेदन के साथ दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। फेडरेशन के अनुसार, विभागीय निर्देश लागू करने की प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ संवाद होना चाहिए तथा सभी कदम नियमानुसार उठाए जाने चाहिए।
कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
फेडरेशन ने कलेक्टर से जिला शिक्षा अधिकारी और संबंधित अधिकारियों को कार्यशैली एवं व्यवहार में सुधार लाने के निर्देश देने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रदर्शन किया जाएगा। अब पूरे मामले में जिला प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच, संबंधित पक्षों का बयान और विभागीय कार्यप्रणाली की समीक्षा से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल जिला शिक्षा अधिकारी का पक्ष सामने नहीं आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारी की प्रतिक्रिया के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।



