
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में हुई प्रतियोगिता, 20 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। राजकुमारी इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में रामचरितमानस की चौपाइयों और दोहावली के दोहों पर आधारित गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 11 सितंबर को आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने तुलसीदास की रचनाओं को सुरों के माध्यम से प्रस्तुत कर श्रोताओं को भाव-विभोर किया। प्रतियोगिता प्रो. डॉ. राजन यादव, अधिष्ठाता कला संकाय की अध्यक्षता में संपन्न हुई। निर्णायक मंडल में संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. पूर्णिमा केलकर और गायन विभाग के सहायक प्राध्यापक जगदेव नेताम शामिल रहे। प्रतियोगिता में 20 विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। प्रतियोगिता में बीपीए प्रथम सेमेस्टर की पूनम बघेल ने प्रथम स्थान हासिल किया। बीपीए तृतीय सेमेस्टर के समित मंडावी द्वितीय तथा बीपीए तृतीय वर्ष की झरना साहू तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं बीपीए प्रथम सेमेस्टर की जुबली मंडावी, बीपीए तृतीय वर्ष की सोनम साहू और एमए प्रथम सेमेस्टर के हेमचंद वर्मा को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. डॉ. राजन यादव ने कहा कि लोकनायक तुलसीदास ऐसे महान कवि हैं जिनकी रचनाओं का लोक और शास्त्र दोनों परंपराओं में गायन होता रहा है। उनकी रचनाएं देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी व्यापक रूप से पढ़ी और सराही जाती हैं। कार्यक्रम में प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के अध्यक्ष डॉ. मंगलानंद झा, अंग्रेजी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. कौस्तुभ रंजन, अतिथि व्याख्याता डॉ. चैन सिंह नागवंशी, डॉ. लक्ष्मी श्रीवास्तव, डॉ. मुजफ्फर हुसैन, डॉ. शिशु कुमार सिंह और डॉ. प्रमोद पांडे उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में शोधार्थी स्नाह जोवाता, कुलेश्वरी वर्मा, रामेश्वरी महिलांगे, सरिता मरकाम, आकांक्षा वाहने, देव सिंह मरकाम, श्रेया जैन, नम्रता वर्मा और खिलेश्वर का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन ममता ठाकुर एवं एकलव्य भारती ने किया। आभार प्रदर्शन शोधार्थी गीतेश्वरी साहू ने किया है।