
दाऊचौरा पुल की बदहाली पर जताया विरोध
कहा- चुप रहने से कुछ नहीं होगा, अब आवाज उठाना जरूरी
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिला मुख्यालय के दाऊचौरा पुल पर बने गड्ढे और उनमें जमा बारिश का पानी अब विरोध का मुद्दा बन गया है। पुल की बदहाल स्थिति के विरोध में रविवार को सर्रागोंदी गांव के पांच युवाओं ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। युवाओं ने बारिश के पानी से भरे गड्ढों में बैठकर अगरबत्ती जलाई और पुल से गुजरने वाले नागरिकों की सलामती के लिए पूजा-अर्चना की। इसके बाद शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन का वीडियो बनाया जिसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की बात कही गई है। प्रदर्शन में तोरण साहू, रानू साहू, शक्ति कोसरे, सोनू साहू और अमर साहू शामिल रहे। युवाओं ने कहा कि दाऊचौरा पुल की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। युवाओं ने कहा कि लंबे समय से बदहाल सड़क को लेकर लोग परेशानी झेल रहे हैं लेकिन केवल शिकायत करने से समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इसलिए उन्होंने विरोध का यह तरीका अपनाया ताकि जिम्मेदार अधिकारियों और आम लोगों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया जा सके। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिला मुख्यालय की सड़कों की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। सड़क और पुल की मरम्मत को लेकर शासन-प्रशासन को गंभीरता से पहल करनी चाहिए ताकि आवागमन सुगम होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी कम हो।
जानिए दाऊचौरा पुल खैरागढ़ और आवागमन के लिये क्यों है अहम
दाऊचौरा पुल खैरागढ़ जिला मुख्यालय के प्रमुख संपर्क मार्गों में शामिल है। इस मार्ग से मध्य प्रदेश के लांजी और बालाघाट तथा महाराष्ट्र के गोंदिया सहित अन्य क्षेत्रों के लिए सहज व समीपस्थ आवागमन होता है। इसके अलावा डोंगरगढ़, प्रज्ञागिरी, चंद्रगिरी करेला भवानी तीर्थस्थल और आसपास के सैकड़ों गांवों तथा कई शहरों से भी लोगों की आवाजाही इसी मार्ग से होती है। ऐसे महत्वपूर्ण मार्ग पर पुल की जर्जर स्थिति लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
