
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर में छत्तीसगढ़ के विख्यात साहित्यकार डॉ.बलदेव प्रसाद मिश्र के नाम पर स्थापित “डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र शोध पीठ” में प्रो.राजन यादव को तीन वर्षों के लिए बाह्य विशेषज्ञ के रूप में मनोनीत किया गया है। उल्लेखनीय है कि डॉ.मिश्र हिंदी साहित्य के ऐसे प्रतिष्ठित रचनाकार रहे हैं जिन्होंने अस्सी से अधिक ग्रंथों की रचना की। उनके रामकथापरक तीन महाकाव्य- कोशल किशोर, साकेत संत एवं रामराज्य विशेष रूप से चर्चित रहे हैं। वर्ष 1940 से 1960 के मध्य रामकथापरक महाकाव्य लेखन में उनका योगदान अग्रणी माना जाता है। डॉ.मिश्र का इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से भी गहरा संबंध रहा है। वे 5 मार्च 1970 से 4 मार्च 1971 तक विश्वविद्यालय के कार्यकारी कुलपति के पद पर कार्यरत रहे। इसी क्रम में, प्रो.राजन यादव जो वर्तमान में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के हिंदी विभागाध्यक्ष हैं पूर्व में डॉ.बलदेव प्रसाद मिश्र जयंती समारोह समिति राजनांदगांव द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में आमंत्रित होकर मिश्र साहित्य पर विशेष व्याख्यान दे चुके हैं। प्रो.यादव लोक और शास्त्र में रामकथापरक विषयों पर बीस से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में विषय विशेषज्ञ के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। उनकी यह नियुक्ति क्षेत्र के साहित्यिक एवं अकादमिक जगत के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है।




