टिकरापारा में उच्चस्तरीय पुल की मांग को लेकर दो घंटे चक्काजाम, वर्षों से लंबित निर्माण को लेकर वार्डवासियों में आक्रोश

टिकरापारा की संकरी पुलिया पर फिर हादसा, नदी में गिरे दो युवक
उच्चस्तरीय पुल की मांग को लेकर वार्डवासियों का दो घंटे चक्काजाम
वर्षों से लंबित निर्माण पर उठाए सवाल
पांच गांवों के ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए भी जोखिम भरा है आवागमन
प्रशासन के आश्वासन पर दो घंटे बाद आंदोलन हुआ स्थगित
खैरागढ़। नगर के टिकरापारा स्थित मोतिनाला की संकरी पुलिया एक बार फिर हादसे का कारण बन गई। रविवार शाम ग्राम अकरजन से लौट रहे दो युवक मोटर साइकिल समेत पुलिया से नीचे नदी में जा गिरे। गनीमत रही कि दोनों युवकों को तैरना आता था जिससे उन्होंने किसी तरह नदी से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। हादसे में मोटरसाइकिल नदी में डूब गई। घटना के बाद राहगीरों की मदद से दोनों को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। सिर और चेहरे में चोट तथा उपचार के बाद चंपा यादव (36) पिता मनोहर यादव निवासी ग्राम भूलाटोला की हालत स्थिर बताई गई। हादसे से आक्रोशित टिकरापारा के वार्डवासियों ने स्थानीय सामाजिक कार्यकर्त्ता राजू यदु की अगुआई में उच्चस्तरीय पुल निर्माण की मांग को लेकर पुलिया पर चक्काजाम कर दिया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण यहाँ आवागमन प्रभावित रहा।
हादसे के बाद फूटा वार्डवासियों का आक्रोश
टिकरापारा की रियासत कालीन पुलिया पर दुर्घटना कोई नई बात नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, संकरी पुलिया और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के अभाव में यहां पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। 12 चक्का ट्रक, कार और अन्य दो पहिया तथा चार पहिया वाहनों के पलटने की घटनाएं भी यहाँ अनवरत होती रही हैं। इसके बावजूद वर्षों से की जा रही उच्चस्तरीय पुल निर्माण की मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी है। रविवार को दो युवकों के नदी में गिरने की घटना ने एक बार फिर लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया। वार्डवासियों ने मौके पर चक्काजाम कर प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई और पुल निर्माण की दिशा में तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की।
पांच गांवों के ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा दांव पर
ज्ञात हो कि टिकरापारा की पुलिया केवल नया और पुराना टिकरापारा के रहवासियों के लिए ही नहीं बल्कि आसपास के पांच गांवों के ग्रामीणों के आवागमन का भी प्रमुख मार्ग है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चे प्रतिदिन गुजरते हैं। ऐसे में पुलिया की संकरी बनावट और सुरक्षा घेरा नहीं होने से हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उनका सवाल है कि जब इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं तो उनकी सुरक्षा के लिए उच्चस्तरीय पुल का निर्माण अब तक क्यों नहीं कराया गया?
पुलिस और अधिकारियों की समझाइश पर समाप्त हुआ चक्काजाम
चक्काजाम की सूचना मिलने पर खैरागढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे तक सड़क पर आवागमन प्रभावित रहा और वाहनों की कतारें लग गईं। बाद में तहसीलदार नेहा ध्रुव और टीआई अनिल शर्मा ने प्रदर्शन कर रहे वार्डवासियों से चर्चा की। उन्होंने उच्च अधिकारियों से बात कर पुल निर्माण जल्द शुरू कराने की बात कही और लोगों को समझाइश दी। इसके बाद वार्डवासियों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।
आश्वासन नहीं, अब ठोस कार्रवाई की दरकार की मांग
चक्काजाम समाप्त होने के बाद नदी में डूबी मोटर साइकिल को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस घटना ने टिकरापारा पुलिया की बदहाल सुरक्षा व्यवस्था और उच्चस्तरीय पुल निर्माण की वर्षों से लंबित मांग को फिर चर्चा में ला दिया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करे और पुल निर्माण की प्रक्रिया को गति दे। अब देखना यह है कि हादसे के बाद मिला आश्वासन धरातल पर कार्रवाई में बदलता है या वार्डवासियों को एक बार फिर इंतजार करना पड़ेगा।



