
सत्यमेव न्यूज छुईखदान। वृंदावन की नगरी, शहीदों की नगरी और पान की नगरी के रूप में प्रसिद्ध ऐतिहासिक रूप से राजाओं द्वारा बसाया गया छुईखदान नगर इन दिनों पूरी तरह धार्मिक रंग में रंगा हुआ है। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर नगर के हर मंदिर में भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। नगर के प्रमुख शीतला मंदिर, दुर्गा मंदिर, मां काली मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर एवं शक्ति मंदिर सहित सभी धार्मिक स्थलों में जोत-ज्वारा प्रज्वलित किए गए हैं। श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इन जोत-ज्वारों का विधि-विधान के साथ विसर्जन किया जाएगा जिसे लेकर तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। इसी क्रम में राम नवमी का पर्व भी नगर में पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा वहीं हनुमान जयंती को लेकर भी भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला के चलते पूरे नगर में भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ और जागरण का माहौल बना हुआ है। छुईखदान की यह धार्मिक एकता, श्रद्धा और सांस्कृतिक परंपरा इसे अन्य नगरों से अलग पहचान दिलाती है यहां के नागरिकों की आस्था, सहयोग और उत्साह यह दर्शाता है कि यह नगर न केवल ऐतिहासिक है बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी अत्यंत समृद्ध और प्रेरणादायक है। पूरे नगर में व्याप्त भक्ति का यह अद्भुत वातावरण छुईखदान को एक सशक्त धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है जहां हर तरफ सिर्फ श्रद्धा, आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है।
