
सूचना के बावजूद ग्राम सभा में पहुंचे ग्रामीणों को करना पड़ा इंतजार
उप सरपंच समेत ग्रामीणों ने प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की
जालबांधा। गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को ग्राम पंचायत जालबांधा में आयोजित ग्राम सभा के दौरान पंचायत भवन बंद मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। ग्राम सभा में शामिल होने पहुंचे ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन पर ताला लगा हुआ था और पंचायत सचिव दुलार कोसरे मौके पर मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम सभा की सूचना पहले ही कोटवार के माध्यम से दी गई थी तथा पंचायत स्तर पर सूचना भी चस्पा की गई थी। ग्राम सभा में शामिल होने के लिए उप सरपंच हरेश वर्मा सहित बीरेंद्र बंजारे, राजकुमार सिन्हा, सुखदेव बंजारे, उत्तम कोसरे, राम बंजारे समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन पहुंचे थे। भवन बंद मिलने के बाद ग्रामीणों को काफी देर तक बाहर इंतजार करना पड़ा। इस दौरान ग्रामीणों ने पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की।
सचिव के पंचायत मे लंबे समय से पदस्थ होने का दावा
ग्रामीणों का दावा है कि पंचायत सचिव दुलार कोसरे पिछले करीब 17 वर्षों से जालबांधा ग्राम पंचायत में पदस्थ हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में आयोजित कुछ ग्राम सभाओं में वास्तविक उपस्थिति के बजाय कथित रूप से औपचारिकता पूरी करने की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ग्राम सभा की भूमिका पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा पंचायत के विकास कार्यों, योजनाओं, स्थानीय समस्याओं और पंचायत के कामकाज पर चर्चा का महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक मंच है। ऐसे में निर्धारित ग्राम सभा के दिन पंचायत भवन बंद मिलना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का विषय है। उप सरपंच हरेश वर्मा सहित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, ग्राम सभा के आयोजन और पंचायत भवन बंद रहने की परिस्थितियों की जांच करने तथा जांच में जिम्मेदारी तय होने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

