खैरागढ़ में युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने की पहल, 70 प्रतिभागियों ने सीखी उद्योग स्थापना की बारीकियां


एमएसएमई-विकास कार्यालय रायपुर के आयोजन में स्वरोजगार, बैंक ऋण, सब्सिडी और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। अनुसूचित जाति वर्ग के युवक-युवतियों को स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से शासकीय पॉलीटेक्निक खैरागढ़ में एक दिवसीय उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत सरकार के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत एमएसएमई विकास कार्यालय रायपुर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में करीब 70 युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र खैरागढ़ के महाप्रबंधक प्रणय बघेल ने युवाओं को छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के तहत उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खैरागढ़ जिले में उद्योग स्थापना के लिए भूमि की उपलब्धता के साथ विभिन्न सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने उद्योगों के लिए भूमि एवं पूंजी की व्यवस्था छोटे उद्योगों के लिए विशेष प्रावधान सब्सिडी निर्यात तथा क्लस्टर आधारित उद्योगों की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने माइक्रो एवं स्मॉल इंडस्ट्री मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की कार्यप्रणाली समझाते हुए अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए उपलब्ध विशेष सुविधाओं और सब्सिडी की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से नौकरी की तलाश तक सीमित रहने के बजाय स्वयं की इकाई स्थापित कर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करने का आह्वान किया। शासकीय पॉलीटेक्निक खैरागढ़ के प्राचार्य शंकरलाल वराठे ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए एमएसएमई-विकास कार्यालय का आभार जताया।

उन्होंने कहा कि रोजगार की बढ़ती जरूरतों के बीच युवाओं के लिए उद्यमिता और स्वरोजगार बेहतर विकल्प बन सकते हैं। उन्होंने युवाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रयास करने की अपील की। लीड बैंक प्रबंधक सी.एस. ठाकुर ने युवाओं को विभिन्न बैंकिंग योजनाओं ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया वित्तीय सहायता और सब्सिडी से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सही जानकारी और उचित मार्गदर्शन के माध्यम से युवा छोटे उद्योगों की स्थापना कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। एमएसएमई-विकास कार्यालय रायपुर के सहायक निदेशक एवं कार्यक्रम समन्वयक बलबीर सिंह ने उद्यमिता की अवधारणा उद्योग स्थापना की प्रक्रिया और केंद्र सरकार की विभिन्न एमएसएमई योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने उद्यम पंजीयन चैम्पियंस पोर्टल तथा एमएसएमई से जुड़े हालिया विधायी संशोधनों के महत्वपूर्ण प्रावधानों से भी युवाओं को अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रतिभागियों के सवालों के जवाब देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को उद्योग एवं स्वरोजगार शुरू करने के लिए आवश्यक सरकारी योजनाओं वित्तीय सहायता सब्सिडी बैंकिंग सुविधाओं और पंजीयन प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी मिली। आयोजकों ने युवाओं को उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने तथा अन्य लोगों के लिए रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है।
