
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। आम आदमी पार्टी (आप) छत्तीसगढ़ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष देवलाल नरेठी ने कहा कि आप पार्टी आज सत्ता के ज्यादतियों के समक्ष मजबूती से खड़ी है एवं जनता के मुद्दों पर निर्णायक संघर्ष कर रही है और देश में ईमानदार राजनीति का मजबूत विकल्प बन चुकी है। ऐसे समय में आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंदर गुप्ता का भाजपा में शामिल होना उनकी सत्ता लोलुपता को उजागर करता है। यह भाजपा द्वारा रचे गए व्यापक राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है जिसके माध्यम से जनता और लोकतंत्र के साथ मजाक एवं विश्वासघात किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को आम आदमी पार्टी ने पहचान, मान-सम्मान और नेतृत्व का अवसर दिया वे संघर्ष के समय पार्टी और जनता के साथ निर्भिकता के खड़े होने के बजाय सत्ता की शरण में चले गए। जिस हिसाब से सांसदों ने पलायन किया है उससे जाहिर होता है कि उन्होंने जनता के विश्वास और लोकतंत्र की गरिमा का मजाक बना दिया है। जनता सब देख रही है और आने वाला समय आम आदमी पार्टी का ही है। जनता यह भी देख रही है कि कौन उनके साथ खड़ा है और कौन जनहित के कठिन संघर्ष के समय भाग खड़ा हुआ। छत्तीसगढ़ में पार्टी के शीर्ष नेता ने कहा कि आप पार्टी पूरी मजबूती से सत्ता समर्थित अन्याय, अहंकार और दमन के खिलाफ खड़ी है। इन जनाधारविहीन लोगों के जाने से पार्टी को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होगा बल्कि कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह है इसलिए की ये कैडर के लोगों का सम्मान नहीं अपमान करते थे। देवलाल नरेठी ने कहा कि इस घटनाक्रम से प्रमाणित हो गया है कि भाजपा अब विचार और जनसमर्थन से नहीं बल्कि डर, दबाव, प्रलोभन और तोड़फोड़ की राजनीति से आगे बढ़ना चाहती है।
जो लोग चले गए उन्हें पहले पार्टी के राज्यसभा के पद से स्तीफा देना चाहिए, उन्हें राज्यसभा सांसद तो पार्टी ने बनाया था। वे कुर्सी के साथ जा सकते हैं लेकिन जनता का विश्वास अपने साथ नहीं ले जा सकते। आज देश विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है। देशभर में सत्ता के विरुद्ध जन आंदोलन बढ़ रहा है। आम आदमी पार्टी लाखों कार्यकर्ताओं के पसीने, करोड़ों लोगों के भरोसे और ईमानदार राजनीतिक सोच का परिणाम है। आप पार्टी जनता के विश्वास की ताकत पर खड़ी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी लगातार विस्तार कर रही है। जनता छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों से त्रस्त हो चुकी है।