
यशोदा वर्मा ने कहा- 12 वर्षों से लोकतंत्र और कांग्रेस के विरुद्ध चल रहा षड्यंत्र
आज लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा देश की सबसे बड़ी आवश्यकता
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। आपातकाल की वर्षगांठ पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे अभियान के बीच खैरागढ़ विधायक यशोदा वर्मा ने केंद्र सरकार और भाजपा की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए हैं। इस मामले को लेकर विधायक यशोदा नीलांबर ने आरोप लगाया कि भाजपा आपातकाल के मुद्दे को राजनीतिक रूप से भुनाने का प्रयास कर रही है जबकि पिछले एक दशक से अधिक समय में देश में अघोषित आपातकाल जैसी परिस्थितियां निर्मित हुई हैं। विधायक का कहना है कि लोकतंत्र में असहमति और विपक्ष की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है लेकिन वर्तमान दौर में केंद्रीय जांच एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए किए जाने के आरोप लगातार सामने आते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी संस्थाओं के माध्यम से विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन नेताओं पर पहले गंभीर आरोप लगाए जाते हैं वे भाजपा में शामिल होने के बाद सम्मान और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां प्राप्त कर लेते हैं जबकि वर्षों से संगठन के लिए कार्य कर रहे अनेक समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जाती है और यह स्थिति राजनीतिक नैतिकता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता और मीडिया के प्रश्नों का उत्तर देना शासन की जवाबदेही का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आलोचनात्मक आवाजों और विपक्ष के विचारों को पर्याप्त स्थान नहीं दे रही है जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप कतई नहीं माना जा सकता। यशोदा वर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता प्राप्ति और उसे बनाए रखने के लिए भाजपा विभिन्न राज्यों में विपक्षी दलों को कमजोर करने तथा राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने की रणनीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने चुनावी प्रक्रियाओं और केंद्रीय एजेंसियों के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि देश के सामने महंगाई, बेरोजगारी, कृषि संकट और आमजन से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन पर आज गंभीर विमर्श की आवश्यकता है। इसके विपरीत जनता का ध्यान मूलभूत समस्याओं से हटाकर अन्य विषयों की ओर केंद्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। श्रीमती वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आजादी और संविधान की मूल भावना की रक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने नागरिकों से भाजपा के छद्म को समझकर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक सिद्धांतों के संरक्षण के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।


