
इस साल व्यापारियों को टैक्स से मिलेगी राहत
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। पांडादाह स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित होने वाली वार्षिक रथयात्रा को इस वर्ष भव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने के लिए मंदिर सेवा समिति ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को आयोजित समिति की विस्तृत बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा सुरक्षा और मेले के सफल संचालन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में तय किया गया कि रथयात्रा मेले में दुकान लगाने वाले स्थानीय व्यापारियों से इस वर्ष किसी प्रकार का बाजार टैक्स नहीं लिया जाएगा। समिति का मानना है कि इससे छोटे एवं स्थानीय व्यापारियों को आर्थिक राहत मिलेगी और उनकी सहभागिता बढ़ेगी। पांडादाह में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं की प्रतिवर्ष बढ़ती संख्या को देखते हुए इस साल पहली बार मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास के लिए अलग अलग मार्ग बनाए जाएंगे। समिति के अध्यक्ष पं. मिहिर झा ने बताया कि इस व्यवस्था से दर्शनार्थियों की आवाजाही सुचारू रहेगी तथा भीड़ प्रबंधन में सुविधा होगी। मेला अवधि के दौरान तीन दिनों तक समिति के सदस्य पेयजल व्यवस्था स्वच्छता और श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए कार सेवा करेंगे साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला पुलिस प्रशासन से अतिरिक्त सुरक्षा बल उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रथयात्रा के दौरान धार्मिक वातावरण बनाए रखने के लिए मंदिर के आसपास संचालित शराब दुकान तथा मांस-मछली विक्रय केंद्रों को अस्थायी रूप से बंद रखने संबंधी मांग प्रशासन के समक्ष रखी जाएगी। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए तीन दिनों तक 24 घंटे हेल्पलाइन सेवा संचालित की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु हेल्पलाइन पर संपर्क कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकेंगे। समिति के सदस्य विशेष पहचान के लिए पीले रंग की वेशभूषा में रहेंगे। पुरुष सदस्य पीला कुर्ता और महिला सदस्य पीली साड़ी धारण करेंगी। समिति के अनुसार इस वर्ष रथयात्रा में पिछले वर्ष की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। आहूत बैठक की अध्यक्षता पं.मिहिर झा ने की वहीं इस अवसर पर मंदिर सेवा समिति से जुड़े स्वयंसेवी राजू यदु, रामेश्वर रामटेक, संतोष पुजारी, संतोष कर्ष, रिंकू महोबिया, संतु सिन्हा, आरती महोबिया, सरस्वती यदु, परमिला देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
