
शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि विभाग से मांगा जवाब

अधूरे निर्माण, स्टाफ की कमी और कृषि योजनाओं की पारदर्शिता पर उठाए सवाल
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि विभाग से जुड़े जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका खम्मन ताम्रकार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जालबांधा क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य और तेज तर्रार युवा कांग्रेस नेत्री शताक्षी देवव्रत सिंह ने विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कई महत्वपूर्ण विषयों पर जवाब मांगा तथा समस्याओं के समयबद्ध निराकरण की मांग की। बैठक में उन्होंने ग्राम दपका स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में वर्ष 2019 से अधूरे पड़े अतिरिक्त कक्ष निर्माण का मामला प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के लिए प्रशासनिक स्वीकृति और राशि जारी होने के बावजूद भवन आज तक पूर्ण नहीं हो सका है। उन्होंने निर्माण में हुई देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा कार्य पूर्ण करने की स्पष्ट समय-सीमा बताने की मांग की। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने ग्राम मदराकुही उपस्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से बनी हुई स्टाफ की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि निर्धारित मानकों के अनुरूप पर्याप्त स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति नहीं होने से ग्रामीणों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। पिछले तीन वर्षों से यह केंद्र केवल एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) और एक आरएचओ (मेल) के भरोसे संचालित हो रहा है। उन्होंने रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की मांग की। कृषि विभाग की स्थायी समिति की सदस्य होने के नाते शताक्षी देवव्रत सिंह ने समिति की नियमित बैठकें नहीं होने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े विषयों की प्रभावी समीक्षा के लिए प्रत्येक माह बैठक आयोजित होना आवश्यक है लेकिन समिति के गठन के बाद अब तक केवल एक बैठक ही आयोजित की गई है। इससे कृषि योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने खाद, बीज एवं अन्य कृषि सामग्री के वितरण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए अधिकारियों से पूछा कि हितग्राहियों का चयन किन मापदंडों के आधार पर किया जाता है तथा वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक निष्पक्ष, पारदर्शी और समय पर पहुंचना चाहिए। बैठक के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों ने उठाए गए विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी प्रस्तुत की वहीं जनप्रतिनिधियों ने अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने, रिक्त पदों पर नियुक्ति करने तथा विभागीय कार्यप्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
