

स्कूलों में पहुंची पुलिस टीम ने साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट और ओटीपी फ्रॉड से बचाव के बताए तरीके, ‘मैं हूं साइबर शिक्षक’ पहल को मिली जनभागीदारी
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। शिक्षक दिवस के अवसर पर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में साइबर जागृति अभियान के चतुर्थ सप्ताह के तहत विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों ने विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर शिक्षकों और विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए। इस दौरान शिक्षकों को ‘साइबर शिक्षक’ की भूमिका निभाते हुए साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों डिजिटल अरेस्ट फर्जी अधिकारी बनकर किए जाने वाले फोन कॉल ओटीपी साझा करने के खतरे तथा बैंकिंग एवं निजी जानकारी की सुरक्षा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों और शिक्षकों से अपील की गई कि वे स्वयं सतर्क रहने के साथ ही अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें।

‘मैं हूं साइबर शिक्षक’ पहल में बढ़ी भागीदारी
अभियान के तहत ‘मैं हूं साइबर शिक्षक’ पहल भी चलाई गई। शिक्षकों एवं अन्य नागरिकों ने सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर अपलोड की और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश साझा किया। इस पहल से अभियान को व्यापक जनभागीदारी मिली और साइबर सुरक्षा का संदेश आम लोगों तक पहुंचाने में मदद मिली।

शिक्षकों का किया सम्मान
शिक्षक दिवस के अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने शिक्षकों का सम्मान कर उन्हें साइबर जागरूकता अभियान से जोड़ने का संदेश दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश कुमार डांडे ने विक्टोरिया हाई स्कूल खैरागढ़ के प्राचार्य अनुराग के घर पहुंचकर उनका सम्मान किया। इसी तरह एसडीओपी खैरागढ़ आशा रानी ने प्रसिद्ध शिक्षक संजय श्रीवास्तव से भेंट कर उन्हें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। एसडीओपी गंडई मानक राम कश्यप ने भी क्षेत्र के प्रसिद्ध शिक्षक से मुलाकात कर उनका सम्मान किया। इस दौरान शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से सतर्क रहने का संदेश दिया गया। पुलिस ने बताया कि जिलेभर में अधिकारियों एवं जवानों द्वारा प्राथमिकता के साथ साइबर जागरूकता अभियान संचालित किया गया। अभियान का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाना और डिजिटल लेनदेन के दौरान आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक करना है।
साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की अपील की गई है।

