Uncategorized

बदहाल सड़कों से बेहाल हो रहा छुईखदान अंचल, धूल के गुबार में गुम हो रही राहें

छुईखदान। छुईखदान ब्लॉक मुख्यालय से कवर्धा जाने वाले मुख्य मार्ग सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की बदहाली अब लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। सड़कों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और उखड़ी डामर की परत के बीच वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल राहगीरों का दम घोंट रही है। हालात ऐसे हैं कि सड़क से गुजरना जोखिम भरा हो गया है वहीं धूल के गुबार से सड़क किनारे रहने वाले परिवारों और दुकानदारों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। इसके बावजूद सड़क की स्थिति सुधारने के लिए ठोस पहल नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।

सड़क की बदहाली के कारण वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बड़े-बड़े गड्ढों से बचने के प्रयास में दुर्घटना का खतरा बना रहता है वहीं वाहनों के गुजरते ही धूल का गुबार उठने से सामने का रास्ता साफ दिखाई नहीं देता। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से परेशानी भरी है। धूल के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

सड़क किनारे व्यापार करने वाले दुकानदारों की परेशानी भी कम नहीं है। वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल दुकानों के भीतर तक पहुंच रही है। काउंटर से लेकर सामानों तक पर धूल की परत जम जाती है, जिससे दुकानदारों को बार-बार सफाई करनी पड़ती है। दुकानदारों का कहना है कि धूल भरे माहौल के कारण ग्राहक भी दुकानों में अधिक देर तक रुकने से बचते हैं, जिसका असर कारोबार पर पड़ रहा है।

लगातार धूल के संपर्क में रहने से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। वहीं सड़क के गड्ढे और धूल के कारण कम होती दृश्यता दुर्घटनाओं की आशंका को बढ़ा रही है। ऐसे में सड़क की मरम्मत और धूल से राहत के लिए प्रभावी उपाय जरूरी हो गए हैं। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों का कहना है कि सड़क की बदहाली और धूल की समस्या से प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है लेकिन अब तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और निर्माण कार्य पूरा होने तक धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी का छिड़काव कराने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि आम लोगों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय कारोबार से भी जुड़ी हैं। ऐसे में समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब ठोस कार्रवाई जरूरी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page