अवैध धान की आवक और पुनर्चक्रण पर प्रशासन ने दिखाई सख्ती, काले कारोबार से दूर रहने व्यापारियों को दी गई है चेतावनी

बिना वैध दस्तावेज भंडारण और परिवहन पर होगी जब्ती की कार्रवाई
अनुपस्थित व्यापारियों को जारी होगा नोटिस
जिला स्तर पर कंट्रोल एंड कमांड सेंटर हुआ स्थापित
संयुक्त जांच दल रखेंगे अवैध धान के कारोबार पर नजर
खैरागढ़। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान अवैध धान की आवक, परिवहन, भंडारण और पुनर्चक्रण पर रोक लगाने जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। इसी सिलसिले में कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन में अपर कलेक्टर सुरेंद्र कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में थोक एवं फुटकर मंडी अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यापारियों को नियमों का पालन करने की हिदायत देते हुए उल्लंघन की स्थिति में कड़ी वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती राज्यों से अवैध रूप से धान लाकर पंजीकृत किसानों के रकबे के माध्यम से उपार्जन केंद्रों में खपाने की कोशिशों पर विशेष नजर रखी जाएगी। बिचौलियों और कोचियों द्वारा धान की खरीदी कर समर्थन मूल्य पर बेचने तथा मिलरों और परिवहनकर्ताओं के माध्यम से धान के पुनर्चक्रण की आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बिना दस्तावेज धान मिलने पर होगी जब्ती की कार्रवाई
जिला प्रशासन की ओर से बताया गया है कि राजस्व, खाद्य, मंडी, सहकारिता, वन और परिवहन विभाग के अधिकारियों को शामिल कर विशेष जांच दल गठित किए गए हैं। ये दल व्यापारियों के प्रतिष्ठानों, गोदामों और वाहनों का निरीक्षण कर धान के भंडारण एवं परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की जांच करेंगे। वैध दस्तावेजों के बिना धान का भंडारण या परिवहन पाए जाने पर नियमानुसार जब्ती सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों को अपने प्रतिष्ठानों में धान के स्टॉक, खरीदी-बिक्री और आवक-जावक का रजिस्टर संधारित करने तथा सभी अभिलेख अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने मंडी संबंधी नियमों, आवश्यक पर्चियों और शुल्क के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
जिला स्तर पर सतत निगरानी करने का भी दावा
अवैध धान परिवहन पर नजर रखने के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल एंड कमांड सेंटर स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि 15 नवंबर 2026 से 30 अप्रैल 2027 तक अन्य राज्यों से धान का आयात संचालक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति की अनुमति से ही किया जा सकेगा। बैठक में उपस्थित रहने के लिए सभी पंजीकृत थोक एवं फुटकर व्यापारियों को सूचना दी गई थी। इसके बावजूद अनुपस्थित रहे व्यापारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। उनसे अनुपस्थिति का कारण पूछा जाएगा और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।अपर कलेक्टर सुरेंद्र कुमार ठाकुर ने कहा कि वास्तविक किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने का लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने व्यापारियों से शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। साथ ही स्पष्ट किया कि अवैध खरीदी-बिक्री, भंडारण, परिवहन अथवा धान के पुनर्चक्रण में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

