
नवाचारी शिक्षण, संस्कारयुक्त शिक्षा और सामाजिक सरोकारों में उत्कृष्ट योगदान
5 सितंबर को लोक भवन में होगा सम्मान
सत्यमेव न्यूज छुईखदान। शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर नवाचार करने वाले शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बाईकटोरी, संकुल झूरानदी के शिक्षक मोहन जंघेल को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर 2026 को लोक भवन में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। शिक्षक मोहन जंघेल ने अपने शैक्षणिक दायित्वों को पारंपरिक शिक्षण पद्धति से आगे बढ़ाते हुए विद्यार्थियों के बौद्धिक, शारीरिक, सामाजिक और नैतिक विकास को अपनी प्राथमिकता बनाया। उनके कार्यों में नवाचारी शिक्षण गतिविधियां, संस्कारयुक्त शिक्षा, स्मार्ट कक्षा, खेलकूद, योगासन, राष्ट्रीय कार्यक्रमों का आयोजन, सामुदायिक सहभागिता तथा विद्यालय परिसर की स्वच्छता एवं सुरक्षा जैसी गतिविधियां प्रमुख हैं।
शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों में भी सक्रिय
विद्यालयीन जिम्मेदारियों के साथ शिक्षक मोहन जंघेल सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ब्लॉक मुख्यालय में वे निःशुल्क योग सेवा के माध्यम से लोगों को योग और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निःशुल्क नवोदय एवं प्रयास कोचिंग में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी इस पहल से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मार्गदर्शन मिल रहा है और कई विद्यार्थियों के चयन में उनका योगदान रहा है।
विद्यार्थियों के बीच ‘प्रिय गुरुदेव’ के रूप में पहचान
मोहन जंघेल की पहचान केवल एक शिक्षक के रूप में नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के बीच एक स्नेही मार्गदर्शक और ‘प्रिय गुरुदेव’ के रूप में बनी है। वे पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों की प्रतिभा, रुचि और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान देते हैं। कठिन विषयों को सरल और रोचक ढंग से समझाने तथा प्रत्येक विद्यार्थी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की उनकी शैली उन्हें बच्चों के बीच लोकप्रिय बनाती है। विद्यालय के विद्यार्थी भी उनसे सहजता से अपनी समस्याएं और बातें साझा करते हैं। उनका मानना है कि शिक्षक की भूमिका केवल पाठ पढ़ाने तक सीमित नहीं होती बल्कि वह विद्यार्थियों को जीवन में सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक भी होता है। यही दृष्टिकोण उन्हें विद्यार्थियों और पालकों के बीच सम्मान एवं विश्वास दिलाता है।
उपलब्धि से छुईखदान क्षेत्र में हर्ष
मोहन जंघेल के राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयन की खबर से बाईकटोरी विद्यालय, संकुल झूरानदी और पूरे छुईखदान क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों, पालकों एवं क्षेत्रवासियों ने उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। शिक्षक मोहन जंघेल को मिलने वाला राज्यपाल पुरस्कार उनके समर्पण, नवाचारी सोच और शिक्षा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता का सम्मान है। उनका यह सम्मान न केवल बाईकटोरी विद्यालय बल्कि पूरे छुईखदान क्षेत्र के लिए गौरव की उपलब्धि माना जा रहा है।
