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नामांकित पार्षदों की नियुक्ति पर भाजपा सरकार को घेरा, SC-ST वर्ग की अनदेखी का लगाया आरोप

सत्यमेव न्यूज गंडई-पंडरिया। जिले में नगरीय निकायों के लिए नामांकित पार्षद (एल्डरमैन) नियुक्त किए जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। नगर पंचायत गंडई के पार्षद दिलीप ओगरे ने भाजपा सरकार पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि नियुक्तियों में सामाजिक संतुलन का ध्यान नहीं रखा गया है। जारी बयान में ओगरे ने कहा कि जिले के नगरीय निकायों में घोषित नामांकित पार्षदों की सूची में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिनिधियों को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। उनका कहना है कि इससे इन वर्गों के लोगों में निराशा और असंतोष का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व की बात करने वाली भाजपा सरकार ने नियुक्तियों के समय इन वर्गों की अनदेखी की है। उनके अनुसार यदि सरकार वास्तव में सभी वर्गों को समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध होती तो नामांकन सूची में भी इसका प्रतिबिंब दिखाई देता है। दिलीप ओगरे ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज केवल चुनावी समर्थन तक सीमित नहीं है बल्कि उन्हें निर्णय प्रक्रिया और स्थानीय निकायों में सम्मानजनक भागीदारी भी मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार से भविष्य में नियुक्तियों के दौरान सभी वर्गों को संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की है। इस बयान के बाद जिले की राजनीति में नामांकित पार्षदों की नियुक्ति को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि विपक्ष आने वाले समय में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर सरकार से जवाब मांग सकता है।

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