
गांव-गांव भौतिक सत्यापन की मांग, नहर विहीन क्षेत्रों में फसल बर्बादी और पेयजल संकट की जताई आशंका
सत्यमेव न्यूज गंडई पंडरिया। जिले में बारिश के सरकारी आंकड़ों और जमीनी हालात के बीच कथित अंतर को लेकर किसान कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। प्रदेश किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष रणजीत सिंह ने जिले में कम बारिश के कारण उत्पन्न हो रही कृषि एवं जल संकट की स्थिति पर चिंता जताते हुए जिला प्रशासन से गांव-गांव भौतिक सत्यापन कराकर सूखे की स्थिति का आकलन करने की मांग की है। रणजीत सिंह ने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जिले में 2.5 मिमी वर्षा के आंकड़े जारी किए गए हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति इससे कहीं अधिक गंभीर दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि कागजी आंकड़ों के आधार पर स्थिति का सही आकलन संभव नहीं है। वास्तविक स्थिति जानने के लिए प्रशासन को प्रत्येक गांव में जाकर फसल जलस्रोत और सिंचाई व्यवस्था का प्रत्यक्ष निरीक्षण कराना चाहिए।
संयुक्त टीम बनाकर सर्वेक्षण कराने की मांग
किसान कांग्रेस नेता ने कलेक्टर से मांग की है कि पटवारी राजस्व निरीक्षक (आरआई) और कृषि विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर गांव-गांव भेजी जाए। टीम द्वारा नदी-नालों नरवा तालाबों और अन्य जलस्रोतों की स्थिति के साथ खेतों में फसलों की वास्तविक स्थिति का भी सर्वेक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में नहरों के माध्यम से पानी पहुंच रहा है वहां किसी हद तक फसलों को बचाने की संभावना है लेकिन गैर-नहरी क्षेत्रों में कम बारिश के चलते फसलें बर्बादी की ओर बढ़ रही हैं। भूजल स्तर नीचे जाने से ट्यूबवेल और अन्य सिंचाई साधनों से भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
आने वाली गर्मी में पेयजल संकट की आशंका
रणजीत सिंह ने कहा कि पिछले दो वर्षों से दिसंबर-जनवरी के दौरान ही क्षेत्र के कई नदी-नाले सूखने लगते हैं। वर्तमान स्थिति को देखते हुए आगामी गर्मी में ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से जलस्रोतों की स्थिति का अभी से आकलन कर आवश्यक इंतजाम शुरू करने की मांग की है। उन्होंने शासन-प्रशासन से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले को अकालग्रस्त घोषित करने प्रभावित किसानों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराने तथा फसल क्षति का सर्वे कर उचित मुआवजा एवं क्षतिपूर्ति देने की मांग की है।