
अधिकृत विक्रेता से दवा खरीदने, लेबल-बैच नंबर देखने और पक्का बिल लेने पर जोर
सत्यमेव न्यूज बाजार अतरिया। ग्राम चिंगली में खरीफ सीजन के मद्देनजर किसानों को फसल सुरक्षा और कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करने एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र (सीआईपीएमसी) रायपुर और कृषि विभाग खैरागढ़ के संयुक्त आयोजन में करीब 50 किसानों ने हिस्सा लिया है। कार्यक्रम में किसानों को असली और नकली कीटनाशकों की पहचान के साथ दवाओं के वैज्ञानिक एवं संतुलित इस्तेमाल की जानकारी दी गई। वनस्पति संरक्षण अधिकारी एवं सीआईपीएमसी रायपुर की प्रभारी रीता प्रभाकरराव सिंगारे ने बताया कि कीटनाशक खरीदते समय किसान अधिकृत विक्रेता से ही दवा लें। उत्पाद का लेबल बैच नंबर निर्माण और समाप्ति तिथि की जांच करने के साथ पक्का बिल लेना भी जरूरी है। सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी आशीष जायसवाल ने कीट नियंत्रण में आर्थिक क्षति स्तर (ईटीएल) के आधार पर कीटनाशकों के इस्तेमाल की सलाह दी।

उन्होंने एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) और बीजोपचार को फसल सुरक्षा का प्रभावी माध्यम बताते हुए रासायनिक उपायों के साथ सांस्कृतिक यांत्रिक और जैविक विधियों को अपनाने पर जोर दिया है। किसानों को फेरोमोन ट्रैप चिपचिपे प्रपंच और जैव नियंत्रण कारकों के उपयोग की भी जानकारी दी गई। वैज्ञानिक सहायक कन्हैया लाल मीना ने एनपीएसएस मोबाइल एप की उपयोगिता समझाई। उन्होंने छिड़काव के दौरान सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल और निर्धारित मात्रा व विधि के अनुसार ही कीटनाशक प्रयोग करने की सलाह दी। कार्यक्रम में किसानों ने फसल सुरक्षा और कीट प्रबंधन से जुड़े सवाल पूछे जिनका विशेषज्ञों ने समाधान बताया। अधिकारियों ने किसानों से सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील की है। कार्यक्रम में एसएडीओ खैरागढ़ ए.के. घोरमारे और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी धर्मेंद्र सिंह वर्मा सहित कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी किसान मित्र प्रगतिशील एवं महिला किसान उपस्थित रहे।