
कुलपति लवली शर्मा के नेतृत्व में विपरीत परिस्थितियों में विश्वविद्यालय ने गढ़े नवाचार
विरासत, नवाचार और वैश्विक पहचान की ओर मजबूत हुये विवि के कदम
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के लिए बीता एक वर्ष उपलब्धियों, नवाचार और रचनात्मक सुधारों का स्वर्णिम अध्याय बनकर सामने आया है। कुलपति प्रो.श्रीमती लवली शर्मा के कार्यकाल का पहला वर्ष पूरा होने पर परिसर में उत्साह और संतोष का वातावरण है। विश्वविद्यालय को ‘ए’ ग्रेड दिलाने तथा इसे आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-संवेदनशील संस्थान के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाये गए हैं।
विरासत संरक्षण के साथ लिखी जा रही विकास की गाथा-कुलपति
विश्वविद्यालय में अपने 1 वर्ष पूर्ण होने पर कुलपति श्रीमती शर्मा ने पत्रवार्ता का आयोजन किया और कहा कि इतिहास को सहेजते हुए आधुनिकता की ओर हम कदम बढ़ा रहे है।कैम्पस-01 स्थित राधा-कृष्ण मंदिर आमजन के लिए खोला गया। राजमहल के प्रथम तल में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू की गई वहीं भवनों की मरम्मत और नए कक्षों का निर्माण व अधोसंरचना विस्तार से शिक्षण व्यवस्था मजबूत हुई है।

पारदर्शी और त्वरित शैक्षणिक व्यवस्था पर रहा फोकस
परीक्षा प्रणाली में नई कार्यकुशलता लाने प्रयास किया गया। पीएचडी प्रवेश परीक्षा का परिणाम उसी दिन जारी किया जा रहा है वहीं अगले दिन साक्षात्कार आयोजित कर समय की बचत की ओर कदम बढ़ाए गए हैं। साथ ही बाहरी विशेषज्ञों से उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन व
रिकॉर्ड समय में परीक्षा परिणाम घोषित किया गया है।
सांस्कृतिक गतिविधियों से जीवंत हुआ विश्वविद्यालय परिसर
कला और संस्कृति का मंच जिसे सभी खैरागढ़ महोत्सव के नाम से जानते हैं तीन वर्ष बाद भव्य आयोजन नहीं विश्वविद्यालय की गरिमा को बढ़ाया है। श्रुति मंडल और नाट्य महोत्सव का नियमित आयोजन यहाँ हो रहा है। यहाँ देश-विदेश के कलाकारों की नियमित सहभागिता भी हो रही है। असम के साहित्यकार रघुनाथ चौधरी की कांस्य प्रतिमा का निर्माण भी एक बड़ी उपलब्धि है।
ग्रीन कैंपस और सामाजिक सरोकार से जुड़ा विश्वविद्यालय
पर्यावरण और समाज के प्रति जिम्मेदारी को विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.लवली शर्मा के नेतृत्व में यहां नई पहचान मिली है। वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना के साथ पेड़ पौधों के कचरे से खाद बनाने हेतु कंपोस्ट यूनिट तैयार किया गया है। साथ ही जैविक सब्जियों का उत्पादन कर आत्मनिर्भरता की ओर नई पहल की गई है। विवि के गोद लिए गांवों में कला-संगीत के साथ कार्यशालाएं व एनएसएस शिविर का शानदार सोपान तय किया गया है।
वैश्विक पहचान की ओर बढ़ते कदम
ज्ञात हो कि बीते एक वर्ष में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवि की प्रतिष्ठा बढ़ी है और अब विदेशी विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। ललित कला अकादमी छात्रवृत्ति में छात्रों का चयन हो रहा है। राष्ट्रीय एवं केंद्रीय युवा उत्सवों में छात्र उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे है वहीं कुलपति श्रीमती शर्मा के प्रयास से 55 सीटर एसी बस व एम्बुलेंस की स्वीकृति भी शासन स्तर से मिल गई है। विवि में विभिन्न पदों पर भर्ती और संगीत शिक्षक नियुक्ति की भी पहल हुई है। इसके साथ ही खैरागढ़ को वैश्विक कला केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। कुलपति प्रो.लवली शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं बल्कि खैरागढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कला एवं संस्कृति के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। बीता एक वर्ष मजबूत नींव का संकेत है जबकि आने वाले समय में और व्यापक विकास की दिशा तय की जायेगी। बता दे कि इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ ने विरासत के संरक्षण, शैक्षणिक दिशा में विशेष सुधार, सांस्कृतिक कार्यों में सकारात्मक सक्रियता और पर्यावरणीय पहल के माध्यम से एक वर्ष में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। यह उपलब्धियां आने वाले समय में संस्थान को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगी।