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कलेक्टर की पहल रंग लाई: दूरस्थ वनाँचल पहुंचा खाद

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। खरीफ सीजन के बीच खाद के लिए लंबी दूरी तय करने को मजबूर किसानों को जिला प्रशासन की त्वरित पहल से बड़ी राहत मिली है। जिले के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम पंचायत भावे तथा उसके आश्रित ग्राम जुरलाखार, थोर्राडीह और कौहाबहारा के किसानों को अब उर्वरक लेने के लिए 20 किलोमीटर दूर समिति तक नहीं जाना पड़ेगा। किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रावल के निर्देश पर सहकारिता विभाग ने गांव में ही खाद वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जिससे ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।

ग्रामीणों ने हाल ही में कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए बताया था कि खाद प्राप्त करने के लिए उन्हें दूरस्थ समिति तक जाना पड़ता है। इससे समय के साथ-साथ परिवहन पर अतिरिक्त खर्च भी वहन करना पड़ता था। अधिकांश सीमांत और छोटे किसानों वाले इस क्षेत्र की परेशानी को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल सहकारिता विभाग को गांव स्तर पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री चन्द्रवाल के निर्देश के बाद सहकारिता विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम भावे में खाद वितरण शिविर आयोजित कराया। समिति भोथली के माध्यम से किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराया गया। शिविर के दौरान 12 किसानों को 42 बोरी यूरिया, 14 बोरी इफको खाद तथा 7 बोरी पोटाश का वितरण किया गया। गांव में ही खाद मिलने से किसानों ने राहत की सांस ली और प्रशासन की तत्परता की सराहना की।

खाद वितरण के दौरान किसानों ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें ट्रैक्टर या अन्य साधनों से दूर-दराज की समितियों तक नहीं जाना पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन और सहकारिता विभाग का आभार जताते हुए मांग की कि भविष्य में भी गांव स्तर पर खाद वितरण की ऐसी व्यवस्था नियमित रूप से जारी रखी जाए ताकि छोटे और सीमांत किसानों को अधिक लाभ मिल सके।

सहकारिता विभाग के अनुसार नवीन समिति संबलपुर में वितरण प्रारंभ होने के साथ ही जिले की सभी 65 समितियों में खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। इनमें 26 नवीन और 39 पुरानी समितियां शामिल हैं। विभाग द्वारा खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि जिले के किसी भी क्षेत्र में खाद की कमी की स्थिति निर्मित न हो और किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक मिल सके। ज्ञात हो कि किसानों की मांग पर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने भावे और आसपास के गांवों के कृषकों को बड़ी राहत दी है। गांव में ही खाद उपलब्ध होने से न केवल समय और खर्च की बचत होगी बल्कि खरीफ सीजन की तैयारियां भी सुचारु रूप से आगे बढ़ सकेंगी।

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