अस्पताल पहुंचने से पहले एंबुलेंस में गूंजी किलकारी, कर्मियों की सूझबूझ से सुरक्षित हुआ प्रसव

खैरागढ़। छुईखदान विकासखंड के ग्राम कानीमेरा निवासी तारामती पति रूपेंद्र तोड़े के लिए 28 अक्टूबर की सुबह जीवनभर यादगार बन गई। बेहतर उपचार के लिए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज ले जाई जा रही गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में प्रसव पीड़ा तेज हो गई। ऐसी विषम परिस्थिति में एंबुलेंस में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्परता, सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एंबुलेंस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया। कुछ ही देर में एंबुलेंस के भीतर नवजात शिशु की किलकारी गूंज उठी। प्राप्त जानकारी अनुसार ग्राम कानीमेरा निवासी तारामती तोड़े को प्रसव पीड़ा होने पर एंबुलेंस सेवा के लिए फोन किया गया था। प्रारंभिक उपचार के बाद बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए उन्हें छुईखदान से मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव रेफर किया गया था। इसी दौरान 28 अक्टूबर की सुबह लगभग 5:40 बजे अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी प्रसव पीड़ा अचानक बढ़ने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एंबुलेंस में तैनात ईएमटी रूपचंद यदु एवं पायलट नवीन यादव ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाला। उन्होंने आवश्यक सावधानियां बरतते हुए प्रसव की जिम्मेदारी निभाई और एंबुलेंस के भीतर ही प्रसव संपन्न कराया। इस तरह अस्पताल पहुंचने से पहले ही मां और नवजात के आगमन की खुशियों से एंबुलेंस का माहौल गूंज उठा।