
ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में आयोजित हुई साइबर चौपाल
खैरागढ़। साइबर अपराधों से बचाव तथा नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से संचालित साइबर जागृति अभियान के अंतिम सप्ताह का शुभारंभ 26 सितंबर को जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में साइबर चौपाल के आयोजन के साथ किया गया। यह आयोजन गांधी जयंती के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे जन-जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत किया जा रहा है।साइबर चौपाल के माध्यम से ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों के नागरिकों को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। इस दौरान डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, ओटीपी एवं यूपीआई फ्रॉड, सोशल मीडिया से जुड़े अपराध तथा ऑनलाइन ठगी जैसे साइबर अपराधों के प्रति विशेष रूप से सतर्क किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समुदाय के सदस्यों की सहभागिता से नागरिकों को डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सावधानी बरतने तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। नागरिकों को बताया गया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी अथवा ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। साइबर चौपाल के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराध मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उपस्थित लोगों को स्वयं साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने तथा अपने परिवार, मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया। जिला पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई कि वे अनजान लिंक पर क्लिक न करें, किसी के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी अथवा पासवर्ड साझा न करें तथा संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन गतिविधि की स्थिति में तत्काल सतर्कता बरतें। साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता को ही सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय बताया गया।