
खैरागढ़ सहित जिले के कई राष्ट्रीयकृत और राज्यकृत बैंकों में नकदी की किल्लत से लोग परेशान
जरूरत के मुताबिक राशि नहीं मिलने से फीकी रही कई परिवारों की दिवाली
खैरागढ़। दीपावली जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले जिले के कई राष्ट्रीयकृत एवं राज्यकृत बैंकों में नकदी की किल्लत ने आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दीं। शनिवार को खैरागढ़, छुईखदान, गंडई सहित साल्हेवारा, पैलीमेटा, दनिया, बुंदेली, सड़क अतरिया, बाजार अतरिया, जालबांधा, पांडादाह, मुढ़ीपार और ठेलकाडीह क्षेत्र के बैंक उपभोक्ताओं को अपनी ही जमा पूंजी निकालने के लिए परेशान होना पड़ा। त्योहार के मद्देनजर बाजार में खरीदारी करने पहुंचे लोगों को जरूरत के मुताबिक नकदी नहीं मिल सकी, जिससे उनकी तैयारियां प्रभावित हुईं।गौरतलब है कि रविवार को देशभर में दीपावली अर्थात लक्ष्मीपूजन का पर्व मनाया जाना है। ऐसे में शनिवार को बड़ी संख्या में लोग त्योहार की खरीदारी के लिए नकदी निकालने बैंकों और एटीएम के चक्कर लगाते रहे। खासकर सोने-चांदी के आभूषण सहित महंगे सामान खरीदने की तैयारी कर रहे उपभोक्ताओं को नकदी की कमी के चलते निराश लौटना पड़ा। ऐन त्योहार के मौके पर बैंकों में पर्याप्त कैश उपलब्ध नहीं होने से लोगों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी अनुसार जिला मुख्यालय खैरागढ़ में दुर्ग-राजनांदगांव ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक सहित कई राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों में नकदी की कमी की स्थिति सामने आई। इसका असर केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहा बल्कि जिले के विभिन्न कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी उपभोक्ता नकदी के लिए परेशान होते रहे।
उधारी और ब्याज पर रकम लेकर करनी पड़ी खरीदारी
बैंकों से जरूरत के मुताबिक नकदी नहीं मिलने के कारण कई परिवारों की दीपावली की खुशियां प्रभावित हुईं। कुछ लोगों को मजबूरी में दुकानदारों से उधार लेकर सामान खरीदना पड़ा, तो कुछ ने ब्याज पर रकम लेकर त्योहार की जरूरतें पूरी कीं। इस स्थिति का सबसे अधिक असर मध्यमवर्गीय परिवारों और किसानों पर देखने को मिला जिनके लिए त्योहार के समय नकदी की उपलब्धता बेहद जरूरी होती है।
व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
बैंक उपभोक्ताओं ने त्योहार से ठीक पहले नकदी की कमी को लेकर नाराजगी जताते हुए व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि जब त्योहारों के दौरान नकदी की मांग बढ़ने की संभावना पहले से रहती है तब बैंकों में पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? उपभोक्ताओं ने यह भी कहा कि प्रदेश में ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद लोगों को अपने ही पैसे निकालने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। त्योहार के महत्वपूर्ण अवसर पर बैंकों में नकदी की अनुपलब्धता ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं और माध्यम वर्ग के परिवारों खासतौर पर किसानों के लिए दीपावली का उत्साह फीका कर दिया।