छत्तीसगढ़

संस्कारधानी में मानवता हुई शर्मसार: 3 वर्षीय मासूम के साथ अप्राकृतिक कृत्य, आरोपी गिरफ्तार

सत्यमेव न्यूज राजनांदगांव। संस्कारधानी में एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जहाँ एक 3 वर्षीय मासूम बालक के साथ अप्राकृतिक कृत्य (दुष्कर्म) की घटना सामने आई है। ज्ञात हो कि शुक्रवार को घटित इस घटना के बाद से पूरे वार्ड में आक्रोश का माहौल है। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

जानकारी अनुसार मामला बीते शुक्रवार का है। आरोपी युवक ने मासूम को अकेला पाकर उसके साथ घिनौनी और अमानवीय हरकत को अंजाम दिया। वारदात के बाद मासूम की हालत बिगड़ती देख आरोपी मौके से फरार हो गया था। परिजनों को जब इस बात की भनक लगी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ित बच्चे को तुरंत मेडिकल कालेज अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसका उपचार जारी है।

इस अमानवीय कृत्य की खबर जैसे ही आस-पड़ोस और मोहल्ले में फैली लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। घटना से आक्रोशित मोहल्लेवासियों ने आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की माँग की। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घिनौनी मानसिकता वाले अपराधियों के लिए समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और पुलिस प्रशासन ने परिजनों की शिकायत पर तत्काल 4-CHL, 137(2)-BNS, 64(1)-BNS, 65(1)-BNS की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फरार आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित की गई और मुखबिरों की सूचना पर घेराबंदी कर आरोपी युवक को धर दबोचा गया। बहरहाल यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है वहीं शासन-प्रशासन से लेकर आम जनता तक हर कोई इस अप्राकृतिक कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा कर रहा है।

दिल दहला देने वाली इस अमानवीय घटना के बाद सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि जिस क्षेत्र में यह घटना हुई है। उस क्षेत्र में रात के समय कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा नशे का सेवन किया जाता है जिससे आस पास के रहने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सूत्र बता रहे हैं कि कई बार इस क्षेत्र की शिकायत पुलिस और प्रशासन तक की गई है और कुछेक कार्यवाही भी हुई है पर 2 से 3 हफ्ते बाद फिर वही कहानी वार्ड में देखने को मिलती है। इसलिए वार्ड वासियों का कहना है कि इलाके में चौकसी बरतकर और विशेष अभियान चला कर सामाजिक तत्वों को सीधे कानूनी कार्रवाई के दायरे में लाकर जेल भेजा जाना चाहिए जिसके बाद ही इस तरह की अमानवीय घटनाओं पर लोग रोक लगाई जा सकती है।

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