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वनांचल में गहराया जल संकट, जिला पंचायत सदस्य ने ज्ञापन सौंप कलेक्टर से लगाई गुहार

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़. गर्मी बढ़ने के साथ वनांचल में पेयजल एवं निस्तारी जल की समस्या गंभीर होने लगी है। हालात यह है कि वन क्षेत्र में तालाब, सरोवर, नदी-नाले, कुआँ आदि सूख गये हैं अब हैंड पम्प भी दम तोड़ चुके है। ज्यादातर गांव के ग्रामीण नलजल योजना के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं परन्तु प्रशासन की अनदेखी और पीएचई विभाग की घोर लापरवाही के साथ ठेकेदार की मनमानी के चलते कहीं टंकी का निर्माण तो कहीं पाईप लाईन का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। बुधवार को जिला पंचायत सदस्य निर्मला विजय वर्मा ने पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ कलेक्टर चन्द्रकांत वर्मा के नाम आवेदन सौंप कर आवश्यक जल की व्यवस्था कराने की मांग की है। वर्मा ने बताया कि ग्राम भदेरा, बेलगांव, सिंगारपुर, चुचरूंगपुर, मगरकुंड़, मोहगांव सहित अन्य गांव में पेयजल समस्या गंभीर हो गई है। नदी, नाला, तालाब सूख जाने से ग्रामीण एवं मवेशियों के लिए अब जीवन उपयोगी पानी नहीं है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में नल जल योजना का काम जारी है परन्तु कहीं टंकी का निर्माण तो कही पाईप लाईन विस्तार कार्य अधूरा है। विभाग के अधिकारी जानकारी देने पर कार्य पूरा कराने के बजाए टाल मटोल कर रहे है। जिला पंचायत सदस्य वर्मा ने बताया कि वनांचल के आधा दर्जन से अधिक गांव में जल समस्या गंभीर हो गई है। नल जल योजना का क्रियान्वयन नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। आवेदन देने के दौरान जनपद सदस्य प्रेमलाल साहू, सरपंच अमरलाल मेरावी, नरसिंग साहू, मधुराम सिन्हा, नाथुराम मिर्च, रोहित यादव, कैलाश सिंह चन्द्रवंशी सहित अन्य मौजूद थे।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में दो से तीन बोर हैं जिससे अब थोड़ा बहुत पानी निकल रहा है शेष साधनों का भूजल स्तर नीचे गिर गया है जिसके कारण पेयजल के लिए सुबह-शाम लंबी कतार लगी रहती है और लोगों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करना पड़ रहा है। गर्मी का प्रभाव ऐसा है कि पानी की कमी के चलते बाड़ी में लगी फसल चौपट हो रही है। मवेशियों को भी पानी के लिए जद्दोजहद करना पड़ रहा है।

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