
किसानों व उपभोक्ताओं ने की जांच की मांग
सात बिंदुओं में कार्रवाई का दिया गया है आवेदन
छुईखदान। विद्युत वितरण केंद्र छुईखदान में पदस्थ कनिष्ठ अभियंता अमित कुमार के खिलाफ विद्युत उपभोक्ताओं, किसानों एवं आम नागरिकों से कथित तौर पर पैसे मांगने और दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई है। शिकायतकर्ताओं ने मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खराब ट्रांसफार्मर, विद्युत आपूर्ति बाधित होने, किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने तथा विद्युत बिल से जुड़ी समस्याओं के निराकरण में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि कुछ मामलों में समस्याओं के समाधान के लिए कथित रूप से पैसों की मांग की जाती है तथा राशि नहीं देने पर निराकरण में अनावश्यक देरी होती है।
आवेदन में किसानों से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख
आवेदन में कम वर्षा की स्थिति में किसानों को सिंचाई के लिए विद्युत आपूर्ति तथा खराब ट्रांसफार्मर को समय पर सुधारने या बदलने से जुड़ी शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित अधिकारी पर उपभोक्ताओं के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने तथा शिकायत करने पर कार्रवाई की धमकी देने का आरोप भी लगाया है।
सात बिंदुओं के आवेदन में जांच कर सीधे कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ताओं ने सात बिंदुओं में कार्रवाई की मांग करते हुए आरोपों की निष्पक्ष जांच, किसानों व उपभोक्ताओं के बयान दर्ज करने तथा कथित पैसे की मांग एवं दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच की मांग की है। निष्पक्ष जांच के लिए आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारी को प्रत्यक्ष उपभोक्ता संपर्क कार्य से पृथक करने तथा विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई का आग्रह किया गया है साथ ही विद्युत बिल, ट्रांसफार्मर, विद्युत आपूर्ति सहित लंबित समस्याओं का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने और शिकायतकर्ताओं को प्रताड़ना अथवा प्रतिशोधात्मक कार्रवाई से सुरक्षा देने की मांग की गई है। ज्ञात हो कि आवेदन पर 21 सितंबर 2026 की रिसीविंग दर्ज है। शिकायत में सहायक यंत्री मदालसा विश्वकर्मा एवं डिविजन इंजीनियर आलोक दुबे की भूमिका अथवा पूर्व कार्रवाई को भी जांच के दायरे में रखने तथा आवश्यकता होने पर किसी अन्य अधिकारी से जांच कराने का अनुरोध किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने उचित कार्रवाई नहीं होने पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।