
खेती-किसानी के सीजन से पहले डीजल संकट की आशंका
पेट्रोल-डीजल लेने घंटों कतार में खड़े रहे ग्रामीण
सत्यमेव न्यूज बाजार अतरिया। खेती किसानी के सीजन से पहले पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और ईंधन की कमी संबंधी अफवाहों ने ग्रामीण अंचलों में चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को बाजार अतरिया स्थित पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली। किसान ट्रैक्टर मोटरसाइकिल और डीजल से भरे जाने वाले कैन लेकर लंबी कतारों में खड़े नजर आए। कई लोग सुबह पांच बजे से ही पंपों के बाहर पहुंच गए थे। किसानों का कहना है कि खेती की तैयारी शुरू हो चुकी है और ऐसे समय में डीजल महंगा होने से कृषि लागत लगातार बढ़ रही है। ट्रैक्टर, सिंचाई पंप, हार्वेस्टर सहित अधिकांश कृषि उपकरण डीजल पर निर्भर हैं। किसानों ने बताया कि खाद बीज और कृषि उपकरणों की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं अब ईंधन महंगा होने से खेती करना और कठिन हो गया है। ग्रामीणों ने बढ़ती महंगाई को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि खेती अब घाटे का सौदा बनती जा रही है। उनका कहना है कि डीजल की कीमतों में राहत और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त ईंधन उपलब्धता सुनिश्चित करने की जरूरत है ताकि किसानों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
अफवाहों के कारण बढ़ी भीड़
बाजार अतरिया के पेट्रोल पंपों पर दिनभर अफरा तफरी का माहौल बना रहा। कई किसान तपती धूप में घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहे। पंप संचालक मांघीलाल जैन ने बताया कि पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और नियमित रूप से सप्लाई हो रही है। उन्होंने कहा कि ईंधन संकट की अफवाह फैलने से अचानक मांग बढ़ गई जिससे पंपों पर भीड़ उमड़ पड़ी। उन्होंने लोगों से जरूरत से ज्यादा ईंधन जमा नहीं करने की अपील की है।
आसपास के क्षेत्रों से भी पहुंचे लोग
अतरिया के अलावा जालबांधा परपोडी और दुर्ग जिले के रौंदा क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल डीजल लेने पहुंचे। ग्रामीणों के बीच डीजल नहीं मिलने की चर्चा फैलने के बाद लोग एहतियात के तौर पर पहले से ईंधन भरवाने लगे हैं। खेती का समय नजदीक होने के कारण किसान किसी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहते। इसके चलते डीजल रखने वाले कैन और डब्बों की मांग भी अचानक बढ़ गई है। अब प्रशासन के सामने चुनौती ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन की सुचारु उपलब्धता बनाए रखने और अफवाहों पर नियंत्रण करने की है।


