
सत्यमेव न्यूज छुईखदान। वैष्णव-बैरागी रियासत के रूप में प्रसिद्ध छुईखदान में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। नगर के रानी मंदिर, बाईसाहब राधाकृष्ण मंदिर, जमात जगन्नाथ मंदिर, श्रीराम मंदिर सहित राजमहल के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और आयोजन हुए। रानी मंदिर समिति के संरक्षक लाल जे.के. वैष्णव ने बताया कि जन्माष्टमी की तैयारियां सप्ताहभर पहले से शुरू कर दी गई थीं। मंदिरों को फूलमालाओं, ध्वज और तोरण-पताकाओं से सजाया गया। दिनभर भजन-कीर्तन के बाद रात 12 बजे ढोल-नगाड़ों, शंख-घंटा ध्वनि और आतिशबाजी के बीच भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। आरती के बाद सामूहिक स्तुति और भजन-कीर्तन हुआ तथा माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी, पंचामृत, फल-मिठाई का भोग लगाकर प्रसाद बांटा गया। रानी मंदिर में गीतांजलि भजनामृत भजन मंडली की भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बच्चों ने राधा-कृष्ण की वेशभूषा में मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की। महिलाओं ने भजनों पर झूमकर भक्ति भाव प्रकट किया। 5 सितंबर को मंदिर परिसर में छोटे बच्चों के साथ प्रतीकात्मक दहीलूट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।