
देर रात तक डीजे डिस्को की धुन पर उमड़ा जनसैलाब
सती दहन, रामसेतु, शिव बारात और शिव-पार्वती विवाह की झांकियों का रहा आकर्षण
सैकड़ो पुलिस जवानों की रही तैनाती, सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण संपन्न हुआ आयोजनखैरागढ़। गणेश विसर्जन के अवसर पर जिला मुख्यालय खैरागढ़ में रविवार को 16 गणेशोत्सव समितियों की झांकियों के साथ भव्य विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। आकर्षक विद्युत सज्जा और धार्मिक प्रसंगों पर आधारित झांकियों को देखने के लिए शहर की सड़कों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक उमड़े। बारिश के चलते 26 सितंबर को प्रस्तावित विसर्जन कार्यक्रम को एक दिन आगे बढ़ाकर 27 सितंबर को आयोजित किया गया।
देर रात तक आकर्षण का केंद्र रही विसर्जन झांकियां
शोभायात्रा में सती दहन एवं दक्ष यज्ञ, रामसेतु, शिव बारात, शिव-पार्वती विवाह सहित विभिन्न धार्मिक प्रसंगों पर आधारित झांकियां शामिल थीं। इनमें करीब पांच से छह झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों में धार्मिक कथानकों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया था। शहर के विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। देर रात तक शहर में उत्सव का माहौल बना रहा। निर्धारित मार्ग से गुजरने के बाद गणेश प्रतिमाओं का विधिवत विसर्जन किया गया।
पुलिस के सैकड़ो जवानों ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
विसर्जन शोभायात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। करीब 250 से 300 पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। प्रमुख मार्गों, संवेदनशील स्थानों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने भीड़ एवं यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर रखी। पिछले वर्ष विसर्जन के दौरान दाऊचौरा क्षेत्र के एक युवक की हत्या की घटना को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया था। पुलिस की सतर्कता और अतिरिक्त बल की तैनाती के बीच इस वर्ष कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई और आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
डीजे की तेज और कानफोड़ू आवाज से परेशान रहे नागरिक
शोभायात्रा की आकर्षक झांकियों और शांतिपूर्ण आयोजन की जहां लोगों ने सराहना की वहीं देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजने से शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई नागरिकों ने अत्यधिक ध्वनि स्तर पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कानफोड़ू आवाज के कारण रात में घरों में रहना भी मुश्किल हो गया वहीं कुछ विसर्जन झांकियां में अश्लील गाने भी बजाए गए जिसे लेकर भी सभ्रांत नागरिकों में नाराजगी देखने को मिली। शहरवासियों ने धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखते हुए ध्वनि सीमा के निर्धारित मानकों का पालन कराने तथा अश्लील फिल्मी गाने नहीं बजाने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में उत्सव और श्रद्धा के साथ आम लोगों की सुविधा एवं ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
