
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन उपकरणों की उच्च स्तरीय जांच की मांग
दो माह में खराब हुए हाथ रिक्शा और ई-रिक्शा
गुणवत्ता, तकनीकी परीक्षण और भुगतान प्रक्रिया पर कांग्रेस ने उठाए गंभीर प्रश्न
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। नगर पालिका परिषद खैरागढ़ में 15वें वित्त आयोग की राशि से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए लगभग 1.31 करोड़ रुपये की लागत से खरीदे गए उपकरणों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अवर सचिव एवं संचालक, रायपुर को लिखित शिकायत भेजकर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने तथा अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से खरीदे गए हाथ रिक्शा, ई-रिक्शा, ट्विन बिन मिनी टिप्पर, हाइड्रोलिक ट्रॉली और स्काई लिफ्ट मशीन की खरीदी में गुणवत्ता संबंधी मानकों का समुचित पालन नहीं किया गया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि लाखों रुपये खर्च कर खरीदे गए हाथ रिक्शा और ई-रिक्शा महज दो माह के भीतर ही खराब होने लगे जिससे स्वच्छता दीदियों के दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और नगर की सफाई व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। शिकायत में विशेष रूप से स्काई लिफ्ट मशीन की खरीदी और उसकी स्वीकृति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि मशीन की तकनीकी विशिष्टताओं (स्पेसिफिकेशन) का आवश्यक परीक्षण किए बिना ही उसकी आपूर्ति स्वीकार कर ली गई तथा भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि मशीन की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक संबंधित भुगतान पर तत्काल रोक लगाई जाए। मनराखन देवांगन ने बताया कि इस संबंध में 8 जुलाई 2026 को कलेक्टर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को भी शिकायत सौंपी गई थी अब उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे से हाल ही में नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरणदास महंत तथा खैरागढ़ विधायक यशोदा नीलाम्बर वर्मा को भी अवगत कराया गया है। शिकायत प्रस्तुत करते समय शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.अरुण भारद्वाज, नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष एवं पार्षद दीपक देवांगन, शहर कांग्रेस महामंत्री शेखर दास वैष्णव सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। हालांकि इस मामले में नगर पालिका परिषद के किसी जिम्मेदार अधिकारी और पालिका में सत्तासीन जनप्रतिनिधियों का पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आया है।