
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य विभाग में निजीकरण एवं आउटसोर्सिंग की प्रस्तावित व्यवस्था के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन के माध्यम से शासन के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संघ ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में निजीकरण और आउटसोर्सिंग की नीति से नियमित कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे तथा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। कर्मचारियों ने शासन से इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए स्वास्थ्य विभाग में नियमित व्यवस्था को बनाए रखने की मांग की है। इस दौरान प्रांतीय सचिव दुर्गेशनंदिनी श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष हँसाराम वर्मा, महामंत्री विनोद रावटे सहित संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। कर्मचारियों ने शासन से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए स्वास्थ्य सेवाओं और कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने का आग्रह किया है।
