
सामाजिक न्याय, समानता और जागरूकता के संदेश को किया गया मजबूत
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। समता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से समता सैनिक दल के स्थापना दिवस पर नागपुर के सेक्टर-6 में एक दिवसीय विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल हुए विप्लव साहू
समता सैनिक दल की विदर्भ इकाई द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी में जिला पंचायत के पूर्व सभापति विप्लव साहू प्रमुख अकादमिक वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में समता सैनिक दल के इतिहास, उद्देश्य और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ.आंबेडकर ने की थी संगठन की स्थापना
विप्लव साहू ने बताया कि समता सैनिक दल की स्थापना वर्ष 1926 में डॉ.अम्बेडकर द्वारा की गई थी। संगठन का मुख्य उद्देश्य समाज में समानता, न्याय और बंधुत्व की भावना को मजबूत करना था जिसकी आज भी अत्यंत आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त असमानताओं को समाप्त करने के लिए समता सैनिक दल की विचारधारा आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे संगठन के मूल सिद्धांतों को समझें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे आएं। संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण पर हुई चर्चा
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने दल के गठन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इसके सामाजिक योगदान और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण में इसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। संगोष्ठी के दौरान प्रतिभागियों ने सामाजिक समरसता और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में ऐसे आयोजनों को और व्यापक स्तर पर आयोजित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने समाज में समता, न्याय और जागरूकता के संदेश को मजबूती से प्रसारित किया।
