राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में बस्तर की मीना का धमाल, चार गोल दागकर दिलाई 5-0 से जीत

खो-खो और फुटबॉल के रोमांचक मुकाबलों में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

खैरागढ़। जिला मुख्यालय स्थित राजा फतेह सिंह खेल मैदान में आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के दूसरे दिन खो-खो और बालिका फुटबॉल के रोमांचक मुकाबले खेले गए। अंडर-19 बालक-बालिका वर्ग की प्रतियोगिताओं में प्रदेश के विभिन्न संभागों से पहुंची टीमों ने शानदार खेल कौशल और टीम भावना का प्रदर्शन किया। दिन का सबसे खास आकर्षण बस्तर की खिलाड़ी मीना रहीं जिन्होंने सरगुजा के खिलाफ मुकाबले में चार गोल दागकर अपनी टीम को 5-0 से शानदार जीत दिलाई। जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार देवांगन ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया।
बालक खो-खो में बस्तर और रायपुर की जीत
अंडर-19 बालक खो-खो के मुकाबले में बस्तर की टीम ने बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन करते हुए बिलासपुर को 16 अंकों से पराजित किया वहीं रायपुर और सरगुजा के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले में रायपुर ने महज एक अंक के अंतर से जीत दर्ज की।
बालिका खो-खो में बिलासपुर और दुर्ग का दबदबा
बालिका खो-खो में बिलासपुर की टीम ने रायपुर को 14 अंकों से हराया। दूसरे मुकाबले में दुर्ग की टीम ने सरगुजा को 15 अंकों से शिकस्त दी। दोनों मुकाबलों में खिलाड़ियों की फुर्ती, रणनीति और आपसी समन्वय देखने को मिला।बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता में बस्तर की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। पहले मुकाबले में बस्तर ने रायपुर को 2-0 से हराया जबकि दुर्ग ने बिलासपुर को 1-0 से पराजित किया। दिन के सबसे आकर्षक मुकाबले में बस्तर ने सरगुजा को 5-0 से करारी शिकस्त दी। बस्तर की खिलाड़ी मीना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार गोल दागे और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनके आक्रामक खेल ने दर्शकों का ध्यान खींचा।
खेल अधिकारियों और निर्णायकों का रहा योगदान
प्रतियोगिता के सफल संचालन में खेल अधिकारियों, संयोजकों, पर्यवेक्षकों और निर्णायकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। फुटबॉल प्रतियोगिता में अभिलेख सिंह, शेख अमीरुल, आशुतोष महोबिया, पर्यवेक्षक सपन जेना तथा अजय रामटेके, प्रशांत, सितांशु गुप्ता, शेखर पवार, मीनाक्षी नेताम, तनुजा कुजूर, साक्षी वर्मा और निधि साहू ने योगदान दिया। इसी तरह खो-खो प्रतियोगिता के संचालन में नीलू सिंह, मोरेश्वर वर्मा, लेखराम वर्मा, राजेंद्र साहू, संजू कंवर, मोती साहू और उमेश सहित अन्य खेल अधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही। आयोजन की व्यवस्थाओं में कन्हैया पटेल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
