
28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान, कलेक्टर ने अधिकारियों को मुख्यालय नहीं छोड़ने के दिए निर्देश
24 घंटे सक्रिय रहेगा आपातकालीन नियंत्रण कक्ष, किसानों के लिए हेल्पलाइन नंबर 14447 जारी
खैरागढ़। बंगाल की खाड़ी में विकसित चक्रवाती गतिविधियों के प्रभाव से प्रदेश में संभावित भारी बारिश को देखते हुए खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान अनुसार 28 और 29 अक्टूबर को भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका है। इसे देखते हुए कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने सभी विभागों को सतर्क रहने तथा जनसुरक्षा, जल निकासी और राहत-बचाव की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने राजस्व, लोक निर्माण, विद्युत, स्वास्थ्य, जल संसाधन, नगरीय निकाय और पंचायत विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा है। अधिकारियों को बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने, जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी करने तथा जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कें बाधित होने की स्थिति में तत्काल बहाली के लिए आवश्यक मशीनरी तैयार रखने को भी कहा गया है।आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता के लिए कलेक्टर कार्यालय के प्रथम तल पर जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जो 24 घंटे संचालित रहेगा। जिला नियंत्रण कक्ष का संपर्क 07820-299631 है। इसके लिए नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर पूजा पिंचा को बनाया गया है साथ ही राहत शाखा प्रभारी विपिन बंजारे, खैरागढ़-छुईखदान अनुविभाग अविनाश ठाकुर, तहसील खैरागढ़ नेहा ध्रुव, तहसील छुईखदान आशीष देवहरी, तहसील गंडई हुलेश्वर कुमार व तहसील साल्हेवारा मोहन झरिया अपने क्षेत्र की कमान संभालेंगे।
अस्पतालों, बिजली व्यवस्था और जलाशयों पर नजर
स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्युत विभाग को टूटे तारों और क्षतिग्रस्त खंभों की मरम्मत के लिए त्वरित कार्रवाई करने तथा जल संसाधन विभाग को बांधों, जलाशयों और नहरों के जलस्तर की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। जलाशयों से पानी छोड़ने की स्थिति में निचले क्षेत्रों के गांवों को समय रहते चेतावनी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
किसानों को सावधानी बरतने की सलाह
कृषि विभाग ने किसानों को धान की कटाई फिलहाल स्थगित रखने, कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसान फसल नुकसान की सूचना और बीमा संबंधी शिकायत के लिए कृषि रक्षक हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं। कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने नागरिकों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने, अनावश्यक जोखिम से बचने और किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष को सूचना देने की अपील की है।
