जालबांधा पंचायत में वित्तीय गड़बड़ी के आरोप, 14 पंचों ने सरपंच हटाने की उठाई मांग

सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। जनपद पंचायत खैरागढ़ की ग्राम पंचायत जालबांधा में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पंचायत के वार्ड पंचों और ग्रामीणों ने अपर कलेक्टर और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को शिकायत सौंपकर सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में पंचायत निधि के दुरुपयोग नियमों की अनदेखी और बिना स्वीकृत प्रक्रिया के भुगतान किए जाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।शिकायतकर्ताओं के अनुसार पंचायत में नाली निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में करीब 2 लाख 74 हजार 800 रुपये तथा व्यावसायिक परिसर निर्माण में लगभग 1 लाख 62 हजार 200 रुपये की राशि बिना पूर्ण कार्य और आवश्यक प्रस्ताव के आहरित किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि पंचायत राज अधिनियम और वित्तीय नियमों की अनदेखी कर भुगतान किए गए। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पंचायत की आय के प्रमुख स्रोतों में शामिल व्यावसायिक परिसरों का किराया तालाब लीज और पूर्व वर्षों की बाजार वसूली की राशि पंचायत खाते में जमा नहीं कर उसका दुरुपयोग किया गया। शिकायत में कहा गया है कि यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो मामला सार्वजनिक राशि के दुरुपयोग का बनता है। बताया गया कि 13 जनवरी 2026 को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में भी निर्माण कार्यों में निर्धारित लागत से अधिक भुगतान और वित्तीय प्रक्रिया में अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। इससे शिकायतकर्ताओं के आरोपों को प्रारंभिक आधार मिलने की बात कही जा रही है। मामले में यह आरोप भी लगाया गया है कि सरपंच की अनुपस्थिति में उनके पति पंचायत कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। शिकायत में पंचायत के चेक में कथित फर्जी हस्ताक्षर कर लेनदेन किए जाने और महिला पंचों के साथ दुर्व्यवहार व मानसिक प्रताड़ना के आरोप भी शामिल हैं। वार्ड पंच दीनदयाल सिन्हा ने आरोप लगाया कि पंचायत की योजनाओं और खर्च से संबंधित जानकारी पंचों को नहीं दी जाती जिससे पंचायत में पारदर्शिता खत्म हो गई है। इसी मुद्दे को लेकर 18 में से 14 वार्ड पंचों ने सामूहिक रूप से धारा 40 के तहत सरपंच को पद से हटाने की मांग का समर्थन किया है। शिकायतकर्ताओं में दीनदयाल सिन्हा, शारदा नेताम, दुर्पती जांगड़े, गायत्री सिन्हा, हरेश वर्मा, बिरेन्द्र बंजारे, सुनीता बाई निर्मलकर, स्वाति वर्मा, मीना बंजारे, तुलसी बाई वर्मा, प्रताप बंजारे, मोंगरा बंजारे, गायत्री वर्मा, सुमन बंजारे और रिंकू गुप्ता सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।


