
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। नवीन शासकीय कन्या महाविद्यालय खैरागढ़ में प्राचार्य डॉ.ओ.पी. गुप्ता के निर्देशन में रसायन शास्त्र विभाग द्वारा एक सराहनीय और रचनात्मक पहल की गई। महाविद्यालय की ‘CHSEC ग्रीन केमिस्ट्री’ (ग्रीन केमिस्ट्री ) पहल के अंतर्गत छात्राओं के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य रासायनिक रंगों के दुष्प्रभावों को कम करना और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देना था। इस कार्यशाला में रसायन शास्त्र विभाग की अतिथि व्याख्याता सुश्री मैथिली पटेल के मार्गदर्शन में छात्राओं को पूरी तरह से प्राकृतिक और हर्बल गुलाल बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण (गाइडेंस) दिया गया। सुश्री मैथिली पटेल ने छात्राओं को बताया कि कैसे हम अपने आस-पास उपलब्ध प्राकृतिक चीजों जैसे- फूलों (पलाश, गेंदा), हर्बल पाउडर (कॉर्न फ्लोर,आरारोट, टैलकम, चंदन), और प्राकृतिक रंगों (चुकंदर, हल्दी, पालक) का उपयोग करके त्वचा के लिए पूरी तरह सुरक्षित और खुशबूदार गुलाल तैयार कर सकते हैं। आज के समय में जब बाजार केमिकल युक्त और हानिकारक रंगों से पटा पड़ा है, जो हमारी त्वचा और पर्यावरण दोनों को नुकसान पहुँचाते हैं, ऐसे में हमारी छात्राओं द्वारा ग्रीन केमिस्ट्री के सिद्धांतों को अपनाकर हर्बल गुलाल बनाना एक क्रांतिकारी कदम है। यह न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा प्रयास है बल्कि छात्राओं में आत्मनिर्भरता और उद्यमिता के गुण भी विकसित करता है। कॉलेज की छात्राओं ने बड़े ही उत्साह के साथ इस गतिविधि में हिस्सा लिया। छात्राओं ने खुद अपने हाथों से अलग-अलग रंगों के सुगंधित हर्बल गुलाल तैयार किए। छात्राओं का कहना था कि इस प्रशिक्षण से उन्हें न केवल विज्ञान के व्यावहारिक पक्ष को समझने का मौका मिला बल्कि वे अब अपने घरों और समाज में भी लोगों को केमिकल मुक्त हर्बल गुलाल का उपयोग करने के लिए जागरूक कर सकेंगी। इस रचनात्मक और ज्ञानवर्धक आयोजन के सफल समापन पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों, स्टाफ और छात्राओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसे पर्यावरण और स्वास्थ्य के हित में एक अनुकरणीय पहल बताया है।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.ओ.पी. गुप्ता ने छात्राओं के इस प्रयास की बहुत सराहना की।
