
नगर पालिका की प्रारंभिक जांच पर उठाए सवाल
दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
भाजपा ने आरोपों को बताया है राजनीति से प्रेरित
सत्यमेव न्यूज खैरागढ़। इतवारी बाजार स्थित रावणभाठा में लगभग 29 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन सीसी सड़क को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। नगर पालिका की प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य को तकनीकी मानकों के अनुरूप बताए जाने के बावजूद शहर कांग्रेस ने मामले को कलेक्टर तक पहुंचाते हुए स्वतंत्र एजेंसी से तकनीकी जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बुधवार को शहर कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में स्वीकृत प्राक्कलन और टेंडर की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है। ज्ञापन के अनुसार निर्धारित मोटाई में ग्रेन्युलर सब-बेस (जीएसबी) बिछाकर रोलर से समतलीकरण किए जाने के बजाय केवल नाममात्र की बारीक गिट्टी डालकर औपचारिकता पूरी की जा रही है साथ ही सड़क का बेस निर्माण भी निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाला, भविष्य में नुकसान की आशंका
कांग्रेस ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि इतवारी बाजार के जिस रावणभाठा में शहर का सबसे अधिक जलभराव प्रभावित क्षेत्र है और जहां हर वर्ष बाढ़ जैसी स्थिति बनती है ऐसे में यदि सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं हुआ तो उसके शीघ्र क्षतिग्रस्त होने तथा शासकीय धन की हानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

पहले भी की थी शिकायत, फिर शुरू हुआ निर्माण
शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.अरुण भारद्वाज ने कहा कि निर्माण कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले ही संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन दुर्ग तथा नगरीय प्रशासन विभाग के निदेशक रायपुर से कर स्वतंत्र जांच की मांग की जा चुकी है। अब जिला प्रशासन से भी निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने का आग्रह किया गया है। विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने रविवार को निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था जहां उन्हें कार्य गुणवत्ताहीन प्रतीत हुआ। इसके बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र लिखकर जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य रोकने की मांग की गई थी। उनका आरोप है कि बिना स्वतंत्र जांच कराए निर्माण कार्य पुनः प्रारंभ करा दिया गया जिसके विरोध में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा गया।
आरोपों के बीच नगर पालिका ने पहले ही दे दी थी क्लीन चिट
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व नगर पालिका प्रशासन ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता से इनकार किया था। प्रशासन का कहना था कि निर्माण कार्य स्वीकृत तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जा रहा है वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक करार देते हुए कहा था कि विकास कार्यों को बाधित करने के उद्देश्य से अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। बहरहाल ज्ञापन सौंपने के दौरान पालिका के नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन, यतेंद्रजीत सिंह, पूरन सारथी, किशन रजक, शेखर दास वैष्णव, सूर्यकांत यादव, महेश यादव, चंद्रशेखर वर्मा, यादव सारथी, राहुल लहरे, सूरज महिलकर, रानू खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय वार्डवासी उपस्थित रहे। कांग्रेस ने दोहराया कि यदि स्वतंत्र जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।

