
कुकुरमुड़ा पंचायत भवन में बड़ा हादसा टला
अलमारी में रखे दस्तावेज भी हुए क्षतिग्रस्त
सत्यमेव न्यूज बाजार अतरिया। लगातार पखवाड़ेभर से हो रही रिमझिम बारिश के बीच ग्राम पंचायत कुकुरमुड़ा का करीब 20 से 25 वर्ष पुराना पंचायत भवन सोमवार को अचानक जर्जर होकर ढह गया। हादसे के समय पंचायत भवन में सरपंच, सचिव सहित ग्रामीण पंचायत के कामकाज में व्यस्त थे। अचानक छत का बड़ा हिस्सा गिरने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि सभी लोग समय रहते बाहर निकल गए और एक बड़ा हादसा टल गया। बताया जा रहा है कि पंचायत भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में था। बारिश के दौरान रात में भी भवन के कुछ हिस्सों की छत गिर चुकी थी। इसके बावजूद पंचायत के पास कोई वैकल्पिक या अतिरिक्त कक्ष नहीं होने के कारण मजबूरी में इसी जर्जर भवन में पंचायत का कामकाज संचालित किया जा रहा था।
पांच वर्षों से नवीन पंचायत भवन की हो रही मांग
ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के अनुसार नवीन पंचायत भवन निर्माण के लिए पिछले पांच से छह वर्षों से लगातार मांग की जा रही थी। जिला पंचायत, जनपद पंचायत सहित संबंधित विभाग एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से कई बार नवीन भवन की स्वीकृति के लिए गुहार लगाई गई लेकिन अब तक पंचायत को नवीन भवन की प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिल सकी।
ग्रामीणों का कहना है कि आसपास की कई ग्राम पंचायतों में नवीन पंचायत भवनों की स्वीकृति कुछ माह पहले ही मिल चुकी है और कई भवनों का निर्माण भी प्रगति पर है। ऐसे में कुकुरमुड़ा पंचायत को अब तक नवीन भवन नहीं मिल पाना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
अलमारी में रखे दस्तावेज भी हुए क्षतिग्रस्त
पंचायत भवन की छत गिरने के साथ कार्यालय में रखी तीन से चार अलमारियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं। इनमें रखे पंचायत के महत्वपूर्ण दस्तावेज, लेखा-जोखा एवं अन्य रिकॉर्ड बारिश के पानी में भीग गए। पंचायत के टेबल-कुर्सी सहित अन्य कार्यालयीन सामग्री को भी नुकसान पहुंचा है। कुछ दस्तावेजों को सुरक्षित निकालकर पंखे की हवा में सुखाया जा रहा है जबकि कई दस्तावेज पूरी तरह भीग गए हैं। पंचायत को इससे आर्थिक एवं अभिलेखीय नुकसान होने की बात सामने आ रही है।
जान जोखिम में डालकर हो रहा था पंचायत का संचालन
ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर भवन की स्थिति की जानकारी होने के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में पंचायत का कामकाज उसी भवन में संचालित किया जा रहा था। यदि छत गिरने के समय सरपंच, सचिव एवं ग्रामीणों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिलता तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल नवीन पंचायत भवन की स्वीकृति देने और पंचायत के दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्राम पंचायत कुकुरमुड़ा के सचिव
जगन्नाथ वर्मा ने बताया कि पंचायत भवन करीब 20 से 25 वर्ष पुराना है और पूरी तरह जर्जर हो चुका था। पिछले पांच-छह वर्षों से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग से नवीन पंचायत भवन की मांग की जा रही थी। लगातार हो रही बारिश के कारण भवन की छत गिर गई। गनीमत रही कि बड़ा हादसा टल गया। वर्तमान में पंचायत के पास बैठक व्यवस्था के लिए कोई अतिरिक्त कक्ष नहीं है। छत गिरने से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
