
पूर्व विधायक कोमल जंघेल के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन, राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त कराने की मांग
सत्यमेव न्यूज बाजार अतरिया। जिले के ग्राम पंचायत सोनपुरी में करीब 20 वर्षों से लंबित बंदोबस्त एवं चकबंदी की प्रक्रिया को पूरा कराने की मांग अब राज्यपाल तक पहुंच गई है। भूमि के नामांतरण और राजस्व अभिलेखों में सुधार नहीं होने से परेशान ग्रामीणों ने पूर्व विधायक कोमल जंघेल के नेतृत्व में राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और मामले में शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में गुनेश वर्मा, रोहित जंघेल और विनोद वर्मा भी शामिल थे। ज्ञापन में बताया गया कि बंदोबस्त एवं चकबंदी के दौरान किसानों की जमीनों का आपसी सहमति से आवंटन तो कर दिया गया था लेकिन अधिकांश मामलों में राजस्व अभिलेखों में नामांतरण की प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं हो सकी है। इसके चलते किसान वर्षों से राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने को विवश हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नामांतरण लंबित होने से कृषि ऋण, फसल बीमा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई आ रही है। इसके अलावा भूमि की रजिस्ट्री, बंटवारा, सीमांकन और अन्य राजस्व संबंधी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सोनपुरी राज्यपाल के गोदग्राम के रूप में भी जाना जाता है, बावजूद इसके वर्षों से चली आ रही इस समस्या का समाधान नहीं हो सका है। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष मामला उठाने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में निराशा है। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा बंदोबस्त एवं चकबंदी से जुड़े लंबित प्रकरणों का जल्द निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश देने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि शासन स्तर पर पहल होने से किसानों को उनकी भूमि का वैधानिक अधिकार मिलेगा और लंबे समय से चली आ रही राजस्व संबंधी समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
