
खातों में है राशि पर पोर्टल में नहीं दिख रही एंट्री
भुगतान अटकने से जनप्रतिनिधि परेशान
सत्यमेव न्यूज बाजार अतरिया/खैरागढ़। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव फरवरी 2025 में संपन्न हुए और अप्रैल में नव-निर्वाचित पंच सरपंचों ने शपथ ली थी। एक वर्ष पूरा होने के बावजूद पंचायतों को केंद्र और राज्य सरकार से अपेक्षित वित्तीय सहायता नहीं मिल पाई है। इसका सीधा असर गांवों के विकास कार्यों पर पड़ रहा है। खैरागढ़ छुईखदान गंडई जिले के खैरागढ़ विकासखंड अंतर्गत बाजार अतरिया क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त आयोग की राशि खातों में आने के बावजूद पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रही है। जानकारी के अनुसार यह राशि टाइड और अनटाइड दो हिस्सों में मिलती है। अनटाइड फंड पोर्टल पर दिखाई दे रहा है लेकिन टाइड फंड तकनीकी कारणों से अटका हुआ है। राशि पोर्टल पर परिलक्षित नहीं होने से पंचायतें वेंडरों को भुगतान नहीं कर पा रही हैं। परिणामस्वरूप विकास कार्य प्रभावित हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि 16वें वित्त आयोग की राशि आने का समय हो गया है लेकिन 15वें वित्त आयोग की पूरी किश्त तक जारी नहीं हो पाई है। इससे पहले दीपावली भी सीमित संसाधनों में मनानी पड़ी थी और अब होली पर भी संसाधनों की कमी का असर दिखाई दे रहा है। छुईखदान विकासखंड की पंचायतों में भुगतान की प्रक्रिया जारी है जबकि खैरागढ़ विकासखंड में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक से जुड़ी तकनीकी अड़चनों के कारण भुगतान अटका हुआ है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब सरकार डबल इंजन की गति का दावा करती है तो पंचायत स्तर पर विकास की रफ्तार क्यों थमी हुई है। इस संबंध में जनपद पंचायत खैरागढ़ के सीईओ हिमांशु गुप्ता से संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन दूरभाष पर संपर्क नहीं हो सका। जनपद पंचायत खैरागढ़ के ऑपरेटर के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक का नाम परिवर्तित होकर छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक हो गया है। इसके चलते पीएफएमएस पोर्टल से मैपिंग प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। पंचायतों के सरपंच और सचिव का डीएससी अनअप्रूव कर दिया गया है। जैसे ही मैपिंग की प्रक्रिया पूर्ण रूप से अनअप्रूव होगी डीएससी पुनः रजिस्टर कर होली के बाद भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मांग की है कि तकनीकी समस्याओं का शीघ्र निराकरण कर लंबित राशि जारी की जाए ताकि गांवों में विकास कार्य गति पकड़ सकें और त्योहारों का उत्साह बरकरार रह सके।